वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस वेलकम पर राजनीतिक पंडितों का कहना है कि पार्टी द्वारा इस तरह का स्वागत एक तरह का डैमेज कंट्रोल है, ताकि उनकी छवि खराब न हो। साथ ही सरकार साफ कहना चाहती है कि प्रधानमंत्री ने उनसे इस्तीफा नहीं चाहते थे। लेकिन मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है।