वहीं देशभर के स्कूल-कॉलेजों में भी बड़ी धूमधाम से यह गुरु महोत्वस मनाया जा रहा है। इस मौके पर छात्र अपने गुरुओं को तोहफा देकर उनसे आर्शीवाद ले रहे हैं। बताया जाता है कि आज ही के दिन वेदों की रचना करने वाले वेदव्यास जी का जन्मदिन भी माना जाता है। वेदव्यास ज्ञान का भंडार थे, इसलिए तभी से यह परंपरा शुरु हुई।