प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट की शुरुआत से ही बेहतरीन खेल दिखाया। रैपिड राउंड में मिली बढ़त को उन्होंने ब्लिट्ज मुकाबलों में भी कायम रखा। उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन प्रज्ञानंद पूरे टूर्नामेंट में उनसे आगे रहे और आखिरकार चैंपियन बने।