
sheetla temple accident nalanda: 31 मार्च, मंगलवार की सुबह बिहार के नालंदा में स्थित शीतला माता मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में अभी तक 8 लोगों की मौत की खबर है जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच चुका है। घटना कैसे हुई इस बात का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। बताया जा रहा है कि हर मंगलवार यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। भीड़ अधिक होने से अचानक भगदड़ मच गई।
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बिहार के नालंदा में स्थित शीतला माता का ये मंदिर बहुत ही प्राचीन है। इसकी प्राचीनता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुप्त काल के दौरान जब चीनी यात्री फाहियान यहां पहुंचा तो उसने भी यहां आकर देवी के सामने सिर झुकाया यानी पूजा की। उस बात का जिक्र उसने अपनी पुस्तक में भी किया है। यानी गुप्त काल से भी पहले ये मंदिर भक्ति का केंद्र रहा है।
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नालंदा में स्थित देवी शीतला का ये मंदिर सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध हैं। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन करने आते हैं। विद्वानों का कहना है कि स्कंद पुराण में भी इस मंदिर का वर्णन मिलता है। यहां आकर भक्तों को ठंडक का अहसास होता है। गुप्त काल के दौरान भी इस मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई थी। कालांतर में ये मंदिर जीर्ण-शीर्ण हो गया। बाद में स्थानीय लोगों ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय इस पूरे इलाके मे चेचक रोग फैल गया। लोग इस रोग के कारण परेशान होने लगे। काफी कोशिशों के बाद भी ये रोग तेजी से अन्य स्थानों पर भी फैलने लगा। जब देवी ने एक गांव वाले को सपने में दर्शन देकर एक खास स्थान पर खुदाई करने को कहा। खुदाई करने पर उस स्थान से देवी की एक प्रतिमा निकली जिसे लोगों ने स्थापित कर दिया और पूजा करने लगे। इसके बाद चेचक रोग अपने आप ही खत्म हो गया। तभी से इस स्थान पर शीतला देवी की पूजा की जा रही है।
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