
गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। घर-घर में गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस दौरान पूजा में कई चीजों का इस्तेमाल भी किया जाता है। अगर आप भी घर पर पहली बार गणपति स्थापना करने वाले हैं तो ganesh chaturthi puja samagri list पहले से तैयार कर लें। इससे पूजा के दौरान, किसी के दौरान किसी भी जरूरी चीज की कमी नहीं होगी और गणेश पूजन विधि आसानी से पूरी की जा सकेगी।
विनायक चतु्र्थी पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी रखें। चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। प्रतिमा को जमीन पर रखने की बजाय चौकी पर स्थापित करें।
पूजा के लिए तांबे का कलश, शुद्ध जल, नारियल और आम के पत्ते खरीदें। कलश को शुभता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। आम के पत्तों का इस्तेमाल सजावट के लिए होता है।
पूजा में रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन और अक्षत यानी साबुत चावल जरूर शामिल करें।
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लाल या पीले रंग की मौली और सुपारी भी पूजा की सामग्री में होनी चाहिए। पान-सुपारी को पारंपरिक रूप से सम्मान और स्वागत से जोड़ा गया है।
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पूजन सामाग्री में दूर्वा की घास का विशेष महत्व है। मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, गजानन को 21 दूर्वा अर्पित करने का विधान है। इसके अलावा पूजा के लिए ताजे फूल भी रखें।
पूजा के बाद आरती के लिए घी का दीपक, रूई की बत्ती, धूप या अगरबत्ती और कपूर जरूर रखें।
भोग के लिए मोदक, मौसमी फल और अन्य प्रसाद तैयार रखें।
विनायक स्थापना के लिए साफ कपड़े, सूखा नारियल, तोरण, बुट्टू, चावल और दीर्घा घास सबसे अहम माने जाते हैं।
रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, कलावा, फूल, घी का दीपक, धूप, पंचामृत, फूल, नैवेद्ध आदि भी आप रख सकते हैं।
सबसे पहले मंदिर को साफ करके चौकी पर कपड़ा बिछाएं, आसपास फूलों और आम के पत्ते रखें। बीच में गणेश जी की स्थापना करते हुए मंत्र पढ़ें। इसके बाद कलश स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करें।
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