Halharini Amavasya 2026: कब है हलहारिणी अमावस्या, इस दिन किसकी पूजा करें? जानें मुहूर्त और महत्व

Published : Jul 13, 2026, 11:15 AM IST
Halharini Amavasya 2026 Date

सार

Halharini Amavasya 2026 Kab Hai: आषाढ़ मास की अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या कहते हैं। धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है।

Halharini Amavasya 2026 Date: हर महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। इस दिन सूर्य व चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं। ज्योतिष के साथ-साथ इस तिथि का धार्मिक महत्व भी है। इस तिथि के देवता पितृ हैं, इसलिए इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष उपाय व पूजा की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार आषाढ़ मास की अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या कहते हैं। ये अमावस्या बहुत ही खास होती है।

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हलहारिणी अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त

सुबह 09:13 से 10:53 तक
सुबह 10:53 से दोपहर 12:32 तक
दोपहर 12:06 से 12:59 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:32 से 02:12 तक
दोपहर 03:52 से 05:31 PM

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कब है हलहारिणी अमावस्या 2026?

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि 13 जुलाई, सोमवार की शाम 06 बजकर 49 मिनिट से शुरू होगी, जो 14 जुलाई, मंगलवार की दोपहर 03 बजकर 13 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अमावस्या तिथि का सूर्योदय 14 जुलाई को होगा, इसलिए इसी दिन हलहारिणी अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुस्थिर, वर्धमान और हर्षण नाम के 3 शुभ योग बनेंगे।

क्यों खास है हलहारिणी अमावस्या? (Significance of Halharini Amavasya)

इस अमावस्या में हल शब्द का उपयोग किया गया है जिसका उपयोग खेती में किया जाता है। दरअसल आषाढ़ मास में ही किसान अपनी फसल की बोबनी करता है। इस दौरान हल का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है। हल के महत्व को समझते हुए भी हमारे विद्वानों ने इस अमावस्या को ये नाम दिया। किसान इस दिन अपने हल की पूजा कर उसके प्रति अपना आभार प्रकट करता है और ये कामना करता है कि इस बार उसकी फसल अच्छी हो।

कैसे करें हल की पूजा?

हलहारिणी अमावस्या की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद शुभ मुहूर्त में पूजा की तैयारी करें। सबसे पहले हल को कुमकुम से तिलक लगाएं। फूलों की माला पहनाएं। आरती करें। हल के साथ खेती में उपयोग आने वाले अन्य उपकरणों व अपने बैलों की पूजा भी इस दिन करें। इसके बाद फसल अच्छी होने की प्रार्थना भगवान से करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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