
5 Unknown Facts About Shri Krishna: भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र के बारे में हम सभी जानते हैं लेकिन फिर कुछ बातें ऐसी हैं जिनके बारे में आमजन को आज तक पता नहीं है जैसे श्रीकृष्ण की बेटी का नाम क्या था, श्रीकृष्ण और दुर्योधन कैसे समधी बने? 4 सितंबर को जन्माष्टमी के मौके पर हम आपको श्रीकृष्ण से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक बातें बता रहे हैं जिनके बारे में जानकर आप भी चौंक जाएंगे। आगे जानिए ऐसी ही 5 रोचक बातें…
पौराणिक ग्रंथों में श्रीकृष्ण की कई संतानों का वर्णन मिलता है। विष्णु पुराण में उनकी पत्नी रुक्मिणी से जन्मी पुत्री का नाम चारुमती बताया गया है। चारुमती का विवाह राजा कृतवर्मा के बेटे बली से हुआ था। खास बात ये है कि कृतवर्मा ने महाभारत युद्ध में कौरवों का साथ दिया था और अंत तक जीवित रहे।
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दुर्योधन की पुत्री का नाम लक्ष्मणा था। जब वह विवाह योग्य हुईं तो उनका स्वयंवर किया गया। श्रीकृष्ण के पुत्र सांब लक्ष्मणा से प्रेम करते थे। जब उन्हें ये पता चला तो उन्होंने लक्ष्मणा का हरण कर लिया। इसके बाद कौरव योद्धाओं ने सांब को पकड़ लिया और बंदी बना लिया। बाद में बलराम ने हस्तिनापुर आकर दुर्योधन को समझाया और दोनों का विवाह करवाया। इस तरह श्रीकृष्ण और दुर्योधन समधी बन गए।
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भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम रणछोड़ भी है जिसका अर्थ युद्ध के मैदान से भागने वाला। दरअसल ये भी श्रीकृष्ण की एक लीला थी। कालयवन नाम का एक राक्षस के पास अनेक वरदान थे, जिसके कारण श्रीकृष्ण उसका वध नहीं कर सकते थे। तब श्रीकृष्ण ने कालयवन को अपने पीछे दौड़ने पर मजबूर कर दिया और एक गुफा में छिप गए। इस गुफा में राजा मुचुकंद हजारों सालों से सो रहे थे। जैसे ही राजा मुचुकंद ने आंखें खोलकर कालयवन को देखा तो वह वहीं भस्म हो गया।
महाभारत के अनुसार युद्ध के दौरान जब घटोत्कच की मृत्यु हुई तो श्रीकृष्ण को बहुत खुशी हुई। जब भीम ने इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि इंद्र की शक्ति से ही अर्जुन को हानि का भय था जिसे कर्ण ने घटोत्कच पर छोड़ दिया इसिलए अब अर्जुन को कोई भय नही है और घटोत्कच भी एक राक्षस होने के कारण बुरे कर्मों में लिप्त था। अगर आज ये कर्ण के हाथों नहीं मरता तो भविष्य में मुझे ही इसे मारना पड़ता।
श्रीमद्भागवत के अनुसार, नरकासुर नाम का एक दैत्य था। उसने 16 हजार महिलाओं को कैद कर लिया था। श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ मिलकर नरकासुर का वध कर दिया और उन महिलाओं को मुक्त कर दिया। उन महिलाओं को समाज के उचित सम्मान मिले इसलिए श्रीकृष्ण ने उनके साथ प्रतीकात्मक विवाह किया और अपनी पत्नी का स्थान दिया।
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