Khar Maas 2026: कब से शुरू होगा खर मास, इस महीने में क्यों नहीं होते शुभ कार्य?

Published : Mar 08, 2026, 01:08 PM IST
Khar Maas 2026

सार

Khar Maas 2026 Kab Se Shuru Hoga: धर्म ग्रंथों में खर मास के बारे में बताया गया है। ये एक महीने का होता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि नहीं किया जाता। खर मास से जुड़ी और भी कईं मान्यताएं और परंपराएं हैं।

Khar Maas 2026 Start Date: ज्योतिष शास्त्र में ऐसे अनेक समय के बारे में बताया गया है जिसमें शुभ कार्य जैसे विवाह आदि करने की मनाही होती है, खर मास भी ऐसा ही समय है। खर मास पूरे एक महीने का होता है। खर मास से जुड़ी अनेक बातें धर्म ग्रंथों व ज्योतिष शास्त्र में भी बताई गई हैं। खर मास क्यों आता है और इससे जुड़ी अनेक मान्यताओं के बारे में कम ही लोगों को पता है। आगे जानिए साल 2026 में खर मास कब से शुरू होगा…

ये भी पढ़ें-
Sheetala Ashtami 2026: कब है शीतला अष्टमी? जानें सही डेट, महत्व और कथा

किसे कहते हैं खर मास?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर 30 दिन में राशि बदलता है। जब भी सूर्य गुरु ग्रह की राशि धनु और मीन में प्रवेश करता है तो इसे खर मास कहा जाता है। इस तरह साल में दो बार खर मास आता है। जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो इसे धनु खर मास कहते हैं और जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है तो इसे मीन खर मास कहते हैं।

ये भी पढ़ें-
Bhutdi Amavasya 2026: कब है भूतड़ी अमावस्या, 18 या 19 मार्च? जानें महत्व और उपाय

2026 में कब से शुरू होगा खर मास?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा के अनुसार सूर्य 14 मार्च 2026 को कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि में सूर्य 14 अप्रैल, मंगलवार तक रहेगा। यानी 14 मार्च से 14 अप्रैल तक का समय मीन खर मास कहलाएगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि नहीं किया जाएगा। ये समय भगवान की भक्ति के लिए अति उत्तम माना गया है।

खर मास में क्यों नहीं किए जाते खर मास?

खर मास के दौरान विवाह, सगाई, मुंडन और गृह प्रवेश आदि कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते, इसके पीछे एक धार्मिक मान्यता छिपी है। उसके अनुसार खर मास के दौरान जब सूर्य अपने गुरु की राशि में होते हैं तो गुरु ग्रह की स्थिति मंद हो जाती है। गुरु ग्रह की शुभ प्रभाव कम होने के कारण इस दौरान मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। लेकिन खर मास में भगवान की भक्ति और जप, तप, दान आदि करने का विशेष महत्व है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

Sheetala Ashtami 2026: कब है शीतला अष्टमी? जानें सही डेट, महत्व और कथा
Sehri Iftar Time Today in Kanpur: कानपुर में आज सेहरी-इफ्तार का समय क्या है? जानें गाजियाबाद-अलीगढ़ और अन्य 3 शहरों का शेड्यूल