Mahashivratri 2026 Jal Time: महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर कब चढ़ाएं जल? जानें शुभ मुहूर्त

Published : Feb 15, 2026, 11:17 AM IST

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurat: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जा रहा है। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर अगर मुहूर्त में जल चढ़ाया जाए तो और भी अधिक शुभ फल प्राप्त होते हैं।

PREV
14
महाशिवरात्रि पर कब चढ़ाएं शिवलिंग पर जल?

Mahashivratri 2026 Jalabhishek Muhurt: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जा रहा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर ही सबसे पहले महादेव ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। महाशिवरात्रि पर जल चढ़ाने से कईं तरह के शुभ फल प्राप्त होते हैं। आगे जानिए शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व और महाशिवरात्रि 2026 पर जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त…


ये भी पढ़ें-
Mahashivratri 2026: कैसे करें पूजा, कौन-सा मंत्र बोलें, कितने मुहूर्त? जानें महाशिवरात्रि से जुड़े हर सवाल का जवाब

24
महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि 2026 दिन के शुभ मुहूर्त

सुबह 09:52 से 11:16 तक
दोपहर 12:18 से 01:03 तक
दोपहर 02:05 से 03:29 तक
शाम 06:18 से रात 07:54 तक

महाशिवरात्रि 2026 रात्रि शुभ मुहूर्त

प्रथम प्रहर पूजा मुहूर्त- शाम 06:11 से रात 09:23 तक
द्वितीय प्रहर पूजा मुहूर्त- रात 09:23 से 12:35 तक
तृतीय प्रहर पूजा मुहूर्त- रात 12:35 से 03:47 तक
चतुर्थ प्रहर पूजा मुहूर्त- तड़के 03:47 से सुबह 06:59 तक


ये भी पढ़ें-
Mahakal Live Darshan Today: महाशिवरात्रि पर घर बैठे कीजिए बाबा महाकाल के दर्शन

34
शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं जल?

धर्म ग्रंथों के अनुसार महादेव एकमात्र ऐसे देवता हैं जो मात्र एक लोटा जल चढ़ाने का भी प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकलने वाले कालकूट विष को पीने से महादेव के शरीर में अत्यधिक गर्मी हो गई, जिसे शांत करने के लिए सभी देवताओं ने जल से उनका अभिषेक किया। तभी से शिवलिंग पर जल से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है।

44
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के नियम

1. शिवलिंग पर चढ़ाने वाला जल शुद्ध और ताजा होना चाहिए। अशुद्ध जल से भूलकर भी शिवलिंग का अभिषेक नहीं करना चाहिए।
2. शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल पैरों में नहीं आना चाहिए, ऐसा करना महादेव का अपमान होता है।
3. स्नान आदि करने के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए। अशुद्ध अवस्था में शिवलिंग का अभिषेक न करें।
4. कोशिश करें कि जल चढ़ाते समय आपका मुख उत्तर दिशा की होना चाहिए।
5. शिवलिंग पर जल प्लास्टिक या स्टील के बर्तन में न चढ़ाएं। इसके लिए तांबे, पीतल या चांदी के बर्तन का उपयोग करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Photos on

Recommended Stories