Nirjala Ekadashi 2026: 2 दिन रहेगी निर्जला एकादशी, किस दिन करें व्रत-पूजा? जानें सही डेट

Published : Jun 01, 2026, 02:46 PM IST
Kab Hai Nirjala Ekadashi

सार

Nirjala Ekadashi 2026 Date: निर्जला एकादशी का सभी एकादशी में सबसे श्रेष्ठ क्यों कहते हैं? निर्जला एकादशी पर किन चीजों का दान करना चाहिए? निर्जला एकादशी 2026 पर कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे? 

Kab Hai Nirjala Ekadashi: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस एकादशी का महत्व साल भर में आने वाली अन्य सभी एकादशियों से कहीं अधिक माना गया है। ऐसा कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान से कर लें उसे पूरे साल की एकादशी का फल प्राप्त हो जाता है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत जून 2026 में किया जाएगा। आगे जानिए निर्जला एकादशी की सही डेट और महत्व…

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2 दिन रहेगी एकादशी तिथि

पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून, बुधवार की शाम 6 बजकर 12 मिनिट से शुरू होगी जो 25 जून, गुरुवार की रात 8 बजकर 9 मिनिट तक रहेगी। इस तरह एकादशी तिथि का संयोग 24 और 25 जून दोनों दिन बन रहा है। इसी वजह से लोगों के मन में कन्फ्यूजन है कि निर्जला एकादशी का व्रत किस दिन करें?

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कब है निर्जला एकादशी 2026?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं, नलिन शर्मा के अनुसार, कोई भी व्रत हमेशा उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। चूंकि एकादशी तिथि का सूर्योदय 25 जून, गुरुवार को होगा, इसलिए इसी व्रत निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा। गुरुवार को एकादशी होने से इसका महत्व और भी अधिक माना जाएगा। इस दिन शिव, सिद्ध, सुस्थिर और वर्धमान नाम के 4 शुभ योग भी बनेंगे।

इसे क्यों कहते हैं निर्जला एकादशी?

सनातन धर्म में निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। इस दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति सालभर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाता, वह केवल निर्जला एकादशी का व्रत करके सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त कर सकता है।

निर्जला एकादशी का महत्व

धर्म ग्रंथों के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। निर्जला एकादशी पर जल से भरे घड़े, छाता, वस्त्र, पंखा, फल और अन्य जरूरत की वस्तुओं का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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