Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में किसी की मृत्यु हो जाएं तो क्या करें, क्या ऐसा होना अशुभ है? जानें धार्मिक मान्यता

Published : Oct 05, 2026, 03:44 PM IST
Pitru Paksha Signs

सार

Death During Pitru Paksha: इस बार पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू हो चुका है जो 10 अक्टूबर तक रहेगा। पितृ पक्ष से जुड़ी अनेक मान्यताएं हैं। अगर पितृ पक्ष में किसी की मृत्यु हो जाए तो क्या करें, इसे शुभ मानें या अशुभ?

Pitru Paksha Religious Beliefs: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों को याद करने और उनके लिए श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान के लिए खास समय माना गया है। इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तरह-तरह के उपाय भी करते हैं। लेकिन एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि अगर पितृ पक्ष के दौरान ही किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो इसे शुभ मानें या अशुभ? जानें इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं…

पितृ पक्ष में मृत्यु को अशुभ मानना सही है?

जिस व्यक्ति का जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। मृत्यु का कोई निश्चित समय नहीं है। इसलिए केवल इस आधार पर कि किसी व्यक्ति ने पितृ पक्ष के दौरान प्राण त्यागे हैं, इसे अशुभ नहीं माना जाता। पितृ पक्ष का समय मुख्य रूप से पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने के लिए है। किसी की मृत्यु का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

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पितृ पक्ष में मृत्यु होने पर क्या मोक्ष मिलता है?

एक मान्यता ये है कि पितृ पक्ष में मृत्यु होने वाले व्यक्ति को सीधे मोक्ष मिल जाता है या उसके लिए स्वर्ग का रास्ता खुल जाता है। ये धारण भी बिल्कुल गलत है क्योंकि किसी भी ग्रंथ में इस तरह की बातें नहीं लिखी है। अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में मृत्यु और मोक्ष को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। इसलिए पितृ पक्ष में मृत्यु होने मात्र से मोक्ष निश्चित हो जाता है, ऐसा दावा करना उचित नहीं है।

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पितृ पक्ष में किसी की मृत्यु हो जाए तो क्या करें?

पितृ पक्ष के दौरान परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो घबराने या इसे किसी अनहोनी का संकेत मानने की जरूरत नहीं है। अंतिम संस्कार और उससे जुड़े कर्म सामान्य धार्मिक परंपरा के अनुसार करें। मृत्यु की तिथि के आधार पर आगे किए जाने वाले श्राद्ध कर्म की तिथि तय की जा सकती है। परिवार को इस समय दिवंगत व्यक्ति के प्रति सम्मान रखते हुए जरूरी संस्कार पूरे करने चाहिए।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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