Chaitra Navratri 2025: कब करें जवारे विसर्जन,क्या है विधि और मंत्र? जानें शुभ मुहूर्त भी

Published : Apr 01, 2025, 10:54 AM IST
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सार

Chaitra Navratri 2025: इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 30 मार्च, रविवार से शुरू हो चुका है, इसका समापन 6 अप्रैल, रविवार को होगा। नवरात्रि के अगले दिन यानी दशमी तिथि को जवारे विसर्जन किए जाते हैं। 

Chaitra Navratri 2025: हर साल चैत्र मास में नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 30 मार्च से 6 अप्रैल तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन ही मिट्टी के बर्तन जवारे बोने की परंपरा है। नवरात्रि समाप्त होने के बाद यानी दशमी तिथि को इन जवारों को नदी या तालाब में विसर्जन किया जाता है। जानें इस बार चैत्र नवरात्रि के बाद कब करें जवारे विसर्जन, इसकी पूरी विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र सहित अन्य खास बातें…

चैत्र नवरात्रि 2025 जवारे विसर्जन का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 06 अप्रैल, रविवार की शाम 07 बजकर 23 मिनिट से 07 अप्रैल, सोमवार की रात 08 बजे तक रहेगी। चूंकि दशमी तिथि का सूर्योदय 7 अप्रैल, सोमवार को होगा, इसलिए इसी दिन जवारे विसर्जन किए जाएंगे। इस दिन कईं शुभ योग भी बनेंगे। जानें जवारे विसर्जन का मुहूर्त…
- सुबह 09:23 से 10:56 तक
- दोपहर 12:04 से 12:53 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- दोपहर 02:01 से 03:34 तक
- शाम 05:07 से 06:40 तक

ये है जवारे विसर्जन की विधि और मंत्र

- 7 अप्रैल, सोमवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त में देवी मां की पूजा करें। पहले कुमकुम से तिलक करें, फूलों की माला पहनाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- सबसे पहले अबीर, गुलाल, चावल, फूल आदि चीजें एक-एक करके चढ़ाएं और ये मंत्र बोलें-
रूपं देहि यशो देहि भाग्यं भगवति देहि मे।
पुत्रान् देहि धनं देहि सर्वान् कामांश्च देहि मे।।
महिषघ्नि महामाये चामुण्डे मुण्डमालिनी।
आयुरारोग्यमैश्वर्यं देहि देवि नमोस्तु ते।।
- देवी की पूजा करने के बाद जवारों की भी चावल, फूल, कुमकुम से पूजा करें। जवारों को सिर पर रखकर शोभायात्रा निकालते हुए किसी नदी या तालाब तक लेकर जाएं। विसर्जन से पहले ये मंत्र बोलें-
गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि।
पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।।
- जवारे विसर्जन करने के बाद देवी से घर की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। इस प्रकार जवारे विसर्जन करने से हर तरह की परेशानी दूर हो सकती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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