Champa Shashti 2025: कब है चंपा षष्ठी, इसे क्यों कहते हैं बैंगन छठ? जानें पूजा विधि और महत्व

Published : Nov 25, 2025, 02:29 PM IST
Champa Shashti 2025

सार

Champa Shashti 2025: अगहन मास के शुक्ल पक्ष में चंपा षष्ठी का पर्व मनाया जाता है। इसे बैंगन छठ भी कहते हैं। ये पर्व मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में मनाया जाता है।

Champa Shashti 2025 Puja Vidhi Shubh Muhurat: स्थानीय परंपरा के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान शिव के अनेक रूपों की पूजा की जाती है। खंडोबा भी इन रूपों में से एक है। हर साल अगहन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को खंडोबा जंयती मनाई जाती है। इसे चंपा षष्ठी भी कहते हैं। इस दिन भगवान शिव को बैंगन विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं, इसलिए इसे बैंगन छठ भी कहते हैं। इस बार ये पर्व 26 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। वैसे तो ये त्योहार पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक में इसकी सबसे ज्यादा मान्यता है।

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कौन हैं भगवान खंडोबा?

खंडोबा को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, ये किसानों और चरवाहों के देवता माने जाते हैं। खंडोबा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के जेजुरी गांव में स्थित है। खंडोबा जयंती के दिन इस मंदिर में लोग हल्दी से होली खेलते हैं। ये दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है। इस दिन खंडोबा की सवारी भी निकाली जाती है। खंडोबा को मार्तंड भैरव, मल्हारी मार्तंड, मल्लारी और खंडेराय के नाम से भी पूजा जाता है। भगवान शिव के इस अवतार महान योद्धा माना जाता है जो सदैव किसानों और चरवाहों की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं।

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कैसे करें चंपा षष्ठी व्रत-पूजा?

- चंपा षष्ठी पर खंडोबा के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा की भी परंपरा है। इस दिन इन दोनों देवताओं को बैंगन और बाजरे का भोग विशेष रूप से लगाते हैं और इसे ही प्रसाद के रूप में खाते भी हैं।
- अगर आपके आस-पास खंडोबा का मंदिर न हो तो शिवलिंग की पूजा कर भी आप इस दिन का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। शिवलिंग पर धतूरा, बिल्व पत्र, आंकडे के फूल आदि चीजें एक-एक कर चढ़ाएं।
- संभव हो तो गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक भी करें। अंत में भगवान के मंत्रों का जाप करने के बाद विधि-विधान से आरती करें। इस तरह पूजा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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