
Vaishakh Amawasya 2024: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस तिथि के देवता पितृ हैं। इसलिए इस दिन पितरों की शांति के लिए श्राद्ध-तर्पण आदि किया जाता है। मई 2024 में वैशाख मास की अमावस्या 2 दिन रहेगी। जिसके चलते लोगों के मन में ये कन्फ्यूजन है कि दोनों दिनों में से श्राद्ध कब करें और स्नान-दान कब करें? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए कब करें वैशाख अमावस्या पर श्राद्ध और स्नान-दान…
2 दिन रहेगी वैशाख मास की अमावस्या?
पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या तिथि 07 मई, मंगलवार की सुबह 11:41 से शुरू होगी, जो अगले दिन यानी 08 मई, बुधवार की सुबह 08:51 तक रहेगी। इस तरह वैशाख मास की अमावस्या 2 दिन रहेगी, जिसके चलते लोगों के मन में कन्फ्यूजन है कि श्राद्ध और स्नान-दान कब करें?
कब करें वैशाख अमावस्या 2024 का श्राद्ध?
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, श्राद्ध कर्म दोपहर में 12 बजे के लगभग किया जाता है। ये स्थिति 7 मई, मंगलवार को बन रही है। इसलिए इसी दिन वैशाख अमावस्या का श्राद्ध किया जाएगा। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मण भोज, दान आदि करना श्रेष्ठ रहेगा। इससे पितरों की आशीर्वाद आपके ऊपर बना रहेगा।
कब करें वैशाख अमावस्या 2024 स्नान-दान?
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, किसी भी तिथि से संबंधित स्नान-दान सूर्योदय तिथि को देखकर किया जाता है। चूंकि वैशाख अमावस्या तिथि का सूर्योदय 8 मई, बुधवार को होगा, इसलिए इसी दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान आदि करना शुभ रहेगा। अमावस्या तिथि का दान भी इसी दिन करना चाहिए।
अमावस्या तिथि का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में कुल 16 तिथियां बताई गई हैं, इनमें से अमावस्या भी एक है। इस तिथि के स्वामी पितृ देवता हैं। इस तिथि पर पितरों की शांति के लिए उपाय, श्राद्ध, पिंडदान आदि करने का विशेष महत्व है। जिन लोगों को पितृ दोष होता है, उनके लिए ये तिथि बहुत ही खास मानी गई है।
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