Ganga Dussehra 2024 Date: कब है गंगा दशहरा, क्यों मनाया जाता है ये पर्व?

Published : May 26, 2024, 03:28 PM IST
ganga dushhara 2024

सार

Ganga Dussehra 2024 Kab Hai: हिंदू धर्म में गंगा को बहुत ही पवित्र नदी माना गया है। मान्यता है कि गंगा स्वर्ग लोक से उतरकर धरती पर आई है, इसलिए इसे देवनदी भी कहते हैं। 

Ganga Dussehra 2024 Date: हिंदू धर्म में नदियों को भी माता का स्थान दिया गया है। भारत में सबसे पवित्र नदी गंगा को माना जाता है। गंगा नदी से संबंधित अनेक पर्व-उत्सव भी समय-समय पर मनाए जाते हैं। हर साल ज्येष्ठ मास में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी के तटों पर विशेष आयोजन होते हैं और पूजन आदि भी किया जाता है। आगे जानिए इस बार कब है गंगा दशहरा और ये क्यों मनाया जाता है…

कब है गंगा दशहरा 2024? (Kab Hai Ganga Dussehra)
धर्म ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 16 जून, रविवार की तड़के 02 बजकर 32 मिनिट से शुरू होगी, जो 18 जून, मंगलवार की सुबह 04:43 तक रहेगी। यानी ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि 16 जून को पूरे दिन रहेगी। इसलिए गंगा दशहरा का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है।

क्यों मनाया जाता है गंगा दशहरा? (Kyo Manate Hai Ganga Dussehra)
पुराण के अनुसार, रघुकुल में सगर नाम के एक पराक्रमी राजा हुए। एक बार उन्होंने अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया। राजा सगर ने अपने 60 हजार पुत्रों को इस यज्ञ के घोड़े का रक्षक बनाया, लेकिन देवराज इंद्र ने इस यज्ञ के घोड़े को चुराकर कपिल मुनि के आश्रम में छिपा दिया।
जब राजा सगर ने पुत्रों ने कपिल मुनि के आश्रम में यज्ञ के घोड़े को देखा तो उन्हें लगा कि मुनि ने ही इस घोड़े को चुराया है। इसलिए वे कपिल मुनि को अपशब्द कहने लगे। उस समय कपिल मुनि तपस्या कर रहे थे। सगर के पुत्रों की बातें सुनकर कपिल मुनि की तपस्या भंग हो गई।
जैसे ही कपिल मुनि ने आंखें खोली, उनकी क्रोधाग्नि से राजा सगर के सभी 60 हजार पुत्र जलकर भस्म हो गए। जब ये बात राजा सगर को पता चली तो वे कपिल मुनि से पास आए तो अपने पुत्रों के मोक्ष का उपाय पूछा। कपिल मुनि ने बताया कि देवनदी गंगा के स्पर्श से इन्हें मोक्ष मिलेगा।
कईं पीढ़ियों बाद राजा सगर के कुल में भगीरथ पैदा हुए। घोर तपस्या कर वे गंगा को धरती पर लाए। गंगा का स्पर्श होते ही 60 हजार सगर पुत्रों को मोक्ष मिल गया। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि पर ही गंगा नदी धरती पर आई थी। इसलिए हर साल इस तिथि पर गंगा दशहरा मनाया जाता है।


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