Puri Jagannath Fact: मंदिर में कदम रखते ही क्यों बंद हो जाती है समंदर की आवाज? विज्ञान भी हैरान

Published : Jul 01, 2026, 07:12 AM IST

जब हम किसी समुद्र तट पर जाते हैं, तो लहरों की आवाज दूर से सुनाई देने लगती है। लेकिन ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर में ऐसा नहीं है। यहां मंदिर के बाहर तो लहरों का शोर सुनाई देता है, पर गेट के अंदर कदम रखते ही यह आवाज बंद हो जाती है। जानते हैं क्यों?

PREV
14
एक कदम और आवाज गायब!

पुरी जगन्नाथ मंदिर के मुख्य द्वार को 'सिंहद्वार' कहते हैं। जब आप इस गेट के बाहर खड़े होते हैं, तो समंदर की लहरों की आवाज बिल्कुल साफ सुनाई देती है। लेकिन, जैसे ही आप एक कदम अंदर रखते हैं, यह आवाज पूरी तरह गायब हो जाती है। ऐसा लगता है जैसे आप किसी साइलेंस जोन में आ गए हों। वापस बाहर कदम रखते ही आवाज फिर से आने लगती है।

24
वैज्ञानिक क्या कहते हैं?

वैज्ञानिकों ने इस रहस्य पर बहुत रिसर्च की। आमतौर पर, आवाज हवा के जरिए फैलती है। मंदिर की बनावट और ऊंची दीवारों की भी जांच हुई, लेकिन वैज्ञानिक यह पता नहीं लगा पाए कि सिर्फ एक कदम में आवाज कैसे बंद हो जाती है। विज्ञान के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है।

34
आंजनेय स्वामी की महिमा

पुराणों में इस रहस्य से जुड़ी एक कहानी है। कहते हैं कि एक बार भगवान जगन्नाथ और देवी लक्ष्मी आराम कर रहे थे, लेकिन समंदर के शोर से उनकी नींद में खलल पड़ रहा था। तब भगवान जगन्नाथ ने हनुमान जी से कहा कि वे मंदिर के अंदर समंदर की आवाज आने से रोकें। हनुमान जी ने अपनी शक्तियों से ध्वनि तरंगों को सिंहद्वार पर ही रोक दिया।

44
जंजीरों में बंधे हनुमान!

इसी पौराणिक कथा की वजह से पुरी में हनुमान जी को 'बेड़ी हनुमान' (जंजीरों में बंधे हनुमान) कहा जाता है। भक्तों का मानना है कि हनुमान जी चारों दिशाओं से मंदिर की रक्षा करते हैं और समंदर के शोर को अंदर आने से रोकते हैं।

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Photos on