शनिश्चरी अमावस्या कब है, 9 या 10 अक्टूबर? जानें सही तारीख, पूजा विधि, मंत्र, शुभ मुहूर्त, भोग और उपाय

Published : Oct 08, 2026, 10:13 AM IST
शनिश्चरी अमावस्या कब है

सार

Shanishchari Amavasya 2026: शनिश्चरी अमावस्या 2026 कब है, 9 या 10 अक्टूबर? जानें सही तारीख, अमावस्या तिथि, शनिदेव की पूजा विधि, मंत्र, भोग, शुभ मुहूर्त और खास उपाय।

Shani Amavasya 2026: अमावस्या तिथि को हिंदू धर्म में स्नान, दान, पितरों के तर्पण और पूजा-पाठ के लिए खास माना जाता है। इस बार आश्विन मास की अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन सर्वपितृ अमावस्या यानी पितृ मोक्ष अमावस्या का संयोग भी बन रहा है। जानिए शनिश्चरी अमावस्या की सही डेट, पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त व अन्य डिटेल…

9 या 10 अक्टूबर, कब है शनिश्चरी अमावस्या?

पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:35 बजे शुरू होगी और 10 अक्टूबर की रात करीब 9:19 बजे तक रहेगी। चूंकि 10 अक्टूबर को शनिवार है और इसी दिन दिनभर अमावस्या तिथि रहेगी, इसलिए शनिश्चरी अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। इसी दिन सर्वपितृ अमावस्या भी रहेगी और पितृ पक्ष का समापन होगा।

ये भी पढ़ें-
Navratri Puja Samagri List: कलश स्थापना से हवन तक, नोट कर लें पूजा का पूरा सामान

शनिश्चरी अमावस्या पूजा शुभ मुहूर्त

- सुबह 07:52 से 09:19 तक
- सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 तक
- दोपहर 12:13 से 01:40 तक
- दोपहर 03:08 से शाम 04:35 तक

ये भी पढ़ें-
Sarva Pitru Amavasya 2026: ये 10 उपाय दिलाएं पितृ दोष से मुक्ति, सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर करें

शनिश्चरी अमावस्या पर कैसे करें पूजा?

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद अपने आस-पास किसी शनि मंदिर में जाएं।
- शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सरसों के तेल से शनि देव की प्रतिमा का अभिषेक भी करें।
- शनिदेव को काला तिल, काला वस्त्र और अपराजिता के फूल अर्पित करें। मन ही मन हमें शनिदेव के मंत्र का जाप भी करें।
- संभव हो तो इस दिन व्रत रखें और शाम को एक बार फिर से शनिदेव की पूजा करके के बाद फलाहार कर सकते हैं।
- इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

शनिदेव का मंत्र

शनिश्चरी अमावस्या पर ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें। इसके अलावा शनि चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें और आसन पर बैठकर ही ये उपाय करें।

शनिदेव को क्या भोग लगाएं?

शनिदेव की पूजा में काले तिल, उड़द की दाल की खिचड़ी का भोग विशेष रूप से लगाया जाता है। इसे बनाने में सरसो के तेल का उपयोग करें। शनिदेव को तिल से बनी चीजों का भोग भी लगा सकते हैं जैसे-रेवड़ी, गजक आदि।

शनिश्चरी अमावस्या के उपाय

1. पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
2. काले तिल और उड़द का दान करें।
3. शनिदेव के मंदिर जाकर दर्शन करें।
4. गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करें।
5. जरूरतमंदों को काले कंबल का दान करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर को, कैसे करें महादेव की पूजा, कौन-सा मंत्र बोलें? जानें मुहूर्त
Aaj Ka Rashifal 8 October 2026: 3 राशियों को मिलेगी बैड न्यूज, स्टूडेंट रहेंगे परेशान-बनेंगे धन हानि के योग