
Somvati Amavasya Upay: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस बार 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि अमावस्या की रात कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से निगेटिविटी दूर होती है और बिगड़े काम बनने लगते हैं। लेकिन दीपक लगाने के बाद पीछे मुड़कर न देखें। ऐसा करने से आपके साथ कुछ अशुभ हो सकता है। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 4 जगह…
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सोमवती अमावस्या पर पीपल की पूजा जरूर करनी चाहिए। रात के समय पीपल के वृक्ष के नीचे एक सरसों के तेल का दीपक भी जलाना चाहिए। ये उपाय करने से पितृ दोष और नकारात्मक ऊर्जा से राहत मिल सकती है। ये उपाय करने के बाद पीछे मुड़कर न देखें, नहीं तो आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
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अमावस्या पर भगवान भैरवदेव की पूजा भी जरूर करनी चाहिए। भैरव देव की पूजा करने से सभी तरह की परेशानियां अपने आप ही दूर हो जाती हैं। भगवान कालभैरव की पूजा के लिए किसी सुनसान स्थान पर बने मंदिर का चयन करें। यहां दीपक लगान के बाद पीछे मुड़कर न देखें।
नदी या तालाब के किनारे पर पितरों का स्थान माना जाता है। अमावस्या की रात यहां भी दीपक लगाना चाहिए। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इस स्थान पर दीपक लगाने के लिए किसी सुनसान स्थान का चयन करें और दीपक लगाकर पलटकर न देखें।
घर की छत पर अंधेरा अधिक रहता है। इसलिए इस स्थान पर निगेटिव एनर्जी सबसे ज्यादा रहती है। इसलिए अमावस्या की रात यहां भी दीपक लगाएं, इससे पूरे घर की निगेटिव एनर्जी खत्म हो सकती है। घर का ये स्थान अगर निगेटिव एनर्जी से मुक्त हो जाए तो वहां रहने वाले सभी लोगों पर इसका पॉजिटिव इफेक्ट होता है।
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