Mythology Interesting Facts: हिंदू धर्म ग्रंथों में कई ऐसे पात्रों के बारे में बताया गया है, जिनका जन्म मां के गर्भ से नहीं बल्कि पशुओं से हुआ था। इनके जन्म की कथा भी बहुत रोचक है, जिसके बारे में कम ही लोगों को पता है।
Interesting facts about religious texts: हिंदू धर्म ग्रंथों में अनेक ऐसे अनेक पौराणिक पात्रों का वर्णन मिलता है, जिनका जन्म इंसान से नहीं बल्कि पशुओं से हुआ है। सुनने में ये बात अजीब जरूर लगे लेकिन रामायण, महाभारत आदि ग्रंथों में इनके बारे में जानकारी मिलती है। पशुओं से जन्में इन पात्रों में से कुछ तो पूजनीय हैं वहीं कुछ के बारे में लोगों को जानकारी ही नही हैं। आज हम आपको धर्म ग्रंथों में कुछ ऐसे ही पौराणिक पात्रों के बारे में बता रहे हैं, जिनका जन्म पशुओं से हुआ था। आगे जानिए इन पात्रों के बारे में…
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किस ऋषि का जन्म गाय से हुआ था?
श्रीमद्भागवत के अनुसार, एक ब्राह्मण की कोई संतान नहीं थी। एक महात्मा ने ब्राह्मण को फल देकर कहा कि ‘इसे अपनी पत्नी को खिला देना, इससे तुम्हें योग्य संतान की प्राप्ति होगी।’ लेकिन ब्राह्मण की पत्नी ने वो फल एक गाय को खिला लिया। उस फल के प्रभाव से गाय गर्भवती हो गई और उसने एक मनुष्य रूपी पुत्र को जन्म दिया। उसके कान गाय की तरह थे, इसलिए उसका नाम गोकर्ण रखा गया। गोकर्ण ने सबसे पहले श्रीमद्भागवत कथा का पाठ लोगों को सुनाया था।
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किस राक्षस का जन्म भैंस से हुआ था?
पुराणों के अनुसार, रंभ नाम का एक दैत्यों का राजा था। एक बार जब वो नदी में स्नान कर रहा था, उस समय काम के वशीभूत होकर उसने भैंस से समागम किया, जिससे एक बहुत ही बलशाली असुर पैदा हुआ। महिष यानी भैंस से पैदा होने के कारण उसका नाम महिषासुर हुआ। महिषासुर का वध करने के लिए देवताओं ने देवी दुर्गा का आवाहन किया। महिषासुर का वध करने से ही देवी दुर्गा का नाम महिषासुरमर्दिनी पड़ा।
महाभारत के अनुसार, उपरिचर नाम के एक राजा थे। एक बार जब वे वन में घूम रहे थे तो उनका वीर्य स्खलित हो गया। राजा ने उसे एक पत्ते में इकट्ठा कर अभिमंत्रित कर दिया और एक पक्षी के माध्यम से अपनी रानी के पास भिजवा दिया। रास्ते में दूसरे पक्षी ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह वीर्य नदी में गिरा गया जिसे मछली ने पी लिया। उस मछली के गर्भ एक एक लड़की का जन्म हुआ, जिसका नाम मत्स्यगंधा रखा गया। यही लड़की आगे जाकर सत्यवती के रूप में प्रसिद्ध हुई और हस्तिनापुर के राजा शांतनु की पत्नी बनी।
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किस ऋषि का जन्म हिरणी से हुआ था?
रामायण के अनुसार, विभाण्डक नाम के एक ऋषि थे। एक बार नदी में स्नान करते समय उनका वीर्य स्खलित हो गया, जिसे एक हिरणी ने पी लिया। उस हिरणी के गर्भ से मुनि ऋष्यशृंग का जन्म हुआ। उनके सिर पर एक सिंग था। विद्वानों का कहना है कि इनका विवाह भगवान श्रीराम की बड़ी बहन शांता से हुआ था। इन्होंने ही राजा दशरथ का पुत्रकामेष्ठि यज्ञ संपन्न करवाया था, जिससे श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था।
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