जहां पाई शिक्षा वहीं लगेगी श्रीकृष्ण की 108 फीट ऊंची प्रतिमा, जानें और क्या होगा खास?

Published : Jun 04, 2026, 09:56 AM IST
Ujjain Sandipani Lok

सार

Ujjain Sandipani Lok: भगवान श्रीकृष्ण ने कहां शिक्षा प्राप्त की थी? भगवान श्रीकृष्ण के गुरु कौन थे? सांदीपनि आश्रम कहां हैं ये क्यों इतना प्रसिद्ध है? किस योजना के अंतर्गत उज्जैन में सांदीपनि लोक बनने जा रहा है।

Sandipani Ashram Ujjain: मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी कहे जाने वाले उज्जैन में महाकाल लोक के बाद अब सांदीपनि लोक बनाने की तैयारी की जा रही है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में आकर महर्षि सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी। आज भी उज्जैन के अंकपात मार्ग पर महर्षि सांदीपनि का आश्रम स्थित है। जहां रोज हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं। मध्य प्रदेश सरकार अब इस स्थान के विस्तार की योजना बना रही है। सिंहस्थ 2028 के पहले यहां 5 हेक्टेयर क्षेत्र में सांदीपनि लोक बनाने की योजना है।

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श्रीकृष्ण की विशाल प्रतिमा लगेगी

मध्य प्रदेश सरकार सांदीपनि लोक को बनाने के लिए 139 करोड़ रुपए खर्च करेगी। ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के रूप में श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली यानी सांदीपनि आश्रम के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया जाएगा। आश्रम के अंदर ही भगवान श्रीकृष्ण की 108 फीट की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जाएगी जो दूर से ही भक्तों को नजर आएगी।

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डिजिटल तकनीक से जानेंगे इतिहास

सांदीपनि लोक बनने के बाद यहां आने वाले भक्त डिजिटल तकनीक यानी एआर/वीआर की माध्यम से इस स्थान के इतिहास के बारे में भी जान सकेंगे। यहां भक्तों के लिए मल्टी-लैंग्वेज डिजिटल कंटेंट उपलब्ध होगा। श्रद्धालु वीआर तकनीक से भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली के इतिहास का अनुभव कर पाएंगे।

लाइट एंड साउंड शो बनेगा आकर्षण

सांदीपनि आश्रम में आने वाले भक्तों को यहां आकर्षक लाइट एंड साउंड भी देखने को मिलेगा। इस लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उज्जैन से उनके जुड़े महत्व को बताया जाएगा। खास बात ये है कि सांदिपनि लोक 1 से लेकर 9 जोन में बनेगा। जहां भक्तों को अलग-अलग दिव्य अनुभव होंगे।

क्यों खास है सांदीपनि आश्रम?

धर्म ग्रंथों के अनुसार द्वापर युग में उज्जैन को अवंतिका नगरी कहते हैं। उस समय यहां महर्षि सांदीपनि निवास करते थे। इनके आश्रम में दूर-दूर से लोग शिक्षा पाने आते थे। कंस का वध करने के बाद श्रीकृष्ण अपने भाई बलराम के साथ यहां आए थे और कुछ ही दिनों में उन्होंने 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया था। साथ ही सभी पुराणों और वेद की शिक्षा भी प्राप्त की थी। सुदामा से श्रीकृष्ण की मित्रता भी इसी आश्रम में हुई थी। सांदीपनि आश्रम में आज भी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी झलकियां दिखाई देती हैं। रोज यहां हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं।

 

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