Amavasya Kab Ki Hai: 17 या 18 अप्रैल, कब है वैशाख अमावस्या? जानें सही डेट, मुहूर्त और उपाय

Published : Apr 16, 2026, 08:32 AM IST
Amavasya Kab Ki Hai

सार

अमावस्या कब है: अप्रैल 2026 में वैशाख मास की अमावस्या का संयोग बन रहा है। इसे सतुवाई अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन कईं शुभ योग भी बन रहे हैं जिसके चलते इस अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है। 

Vaishakh Amavasya 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस तिथि के स्वामी पितृ हैं। हर महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या ही होती है। वैशाख मास की अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहते हैं। इस बार वैशाख मास की अमावस्या तिथि अप्रैल 2026 में है। ये अमावस्या 17 अप्रैल को है या 18 को, इसे लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन है? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए वैशाख मास की अमावस्या की सही डेट, शुभ मुहूर्त व उपाय आदि की डिटेल…

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कब से कब तक रहेगी वैशाख अमावस्या तिथि?

पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या तिथि 16 अप्रैल, गुरुवार की रात 08 बजकर 11 मिनिट से शुरू होगी जो 17 अप्रैल, शुक्रवार की शाम 05 बजकर 21 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अमावस्या तिथि का सूर्योदय 17 अप्रैल को होगा और पूरे दिन भी यही तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन अमावस्या तिथि से संबंधित उपाय व पूजा-पाठ किए जाएंगे।

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17 अप्रैल 2026 वैशाख अमावस्या शुभ मुहूर्त

वैशाख अमावस्या पर श्रीवत्स, सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि नाम के 3 शुभ योग बन रहे हैं, जिसके चलते इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन के शुभ मुहूर्त की डिटेल इस प्रकार है-
सुबह 06:08 से 07:42 तक
सुबह 07:42 से 09:17 तक
दोपहर 12:01 से 12:51 तक
दोपहर 12:26 से 02:00 तक
शाम 05:09 से 06:44 तक

वैशाख अमावस्या 2026 के उपाय

1. वैशाख अमावस्या को सतुवाई अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन सत्तू के दान का विशेष महत्व है। इसलिए इस दिन गरीबों को सत्तू का दान जरूर करना चाहिए।
2. अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव हैं। इसलिए वैशाख अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान आदि करना चाहिए।
3. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और सूर्यदेव को अर्घ्य देने से भी देवता प्रसन्न होते हैं और परेशानियां दूर करते हैं।
4. अमावस्या तिथि गाय को हरा चारा खिलाएं, कुत्ते को रोटी दें और मछलियों के लिए नदी या तालाब में आटे की गोलियां बनाकर डालें। इससे भी शुभ फलों की प्राप्ति संभव है।
5. अमावस्या पर किसी योग्य ब्राह्मण को घर बुलाकर भोजन करवाएं और अपनी इच्छा अनुसार दान-दक्षिणा देकर विदा करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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