25 मार्च से शुरू होगा विक्रम संवत 2077, 12 नहीं 13 महीनों का होगा ये हिंदू वर्ष

Published : Jan 06, 2020, 09:41 AM ISTUpdated : Jan 06, 2020, 12:49 PM IST
25 मार्च से शुरू होगा विक्रम संवत 2077, 12 नहीं 13 महीनों का होगा ये हिंदू वर्ष

सार

इस बार 25 मार्च, बुधवार से हिंदू नववर्ष 2077 की शुरूआत होगी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, ये साल 12 नहीं बल्कि 13 महीनों का होगा। 

उज्जैन. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि इस साल अश्विन का अधिक मास रहेगा, जो 17 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रहेगा। अश्विन मास होने से श्राद्ध और नवरात्रि के बीच 1 महीने का अंतर रहेगा।

शुभ होता हो अधिक मास
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्‌ट के अनुसार, जिस वर्ष अधिक मास होता है वो साल देश और जनता के लिए शुभ फल वाला होता है। अधिक यानी पुरुषोत्तम मास होने से धर्म और कर्म और अर्थ यानी आर्थिक मामलों में तरक्की होती है। हिंदू कैलेंडर और पंचांग गणना के अनुसार 3 साल में एक बार आधिक मास होता है। इस माह के प्रभाव से देश में शांति होती है एवं देश प्रगति करता है। देश की जनता ईमानदारी से धर्म और अपने कर्तव्यों का पालन करती है।

क्यों आता है अधिक मास?
सौरमास 365 दिन का होता है जबकि चंद्रमास 354 दिन का होता है। इससे हर साल 11 दिन का अंतर आता है, जो तीन साल में बढ़कर एक माह से कुछ अधिक हो जाता है। यह 32 माह 16 दिन के अंतराल से हर तीसरे साल में होता है। इस अंतर को सही करने के लिए अधिमास की व्यवस्था की गई है।

अधिक मास की पौराणिक मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस अधिमास का कोई स्वामी न होने से देवताओं ने इसे अशुद्ध माना और इसमें कोई भी मांगलिक कार्य कैसे करें, इस संशय में पड़ गए। तब वे भगवान विष्णु के पास गए तो उन्होंने कहा कि आज से मैं इस अधिमास को अपना नाम देता हूं। उन्होंने इसे पुरुषोत्तम मास कहा। तब से इस माह में भागवत कथा व अन्य मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हुआ।
 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम