India vs South Africa: टॉस से टीम सेलेक्शन तक, टीम इंडिया पर भारी पड़ी ये 8 भयंकर गलतियां

Published : Feb 23, 2026, 09:41 AM IST

T20 वर्ल्ड कप के अहम सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को बुरी तरह हराया. इस मैच में टॉस से लेकर टीम सेलेक्शन तक, भारत के लिए कुछ भी सही नहीं रहा. आइए जानते हैं टीम इंडिया की इस हार के पीछे की 8 बड़ी वजहें.

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क्यों हारी टीम इंडिया
T20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के हाथों मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम की जमकर आलोचना हो रही है. आइए जानते हैं भारत की इस हार की बड़ी वजहें क्या थीं.
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टॉस ने किया खेल
वर्ल्ड कप के ग्रुप मैचों में भारत ने सभी मुकाबले पहले बैटिंग करते हुए जीते थे. टीम इंडिया को एक भी मैच में चेज़ नहीं करना पड़ा था. भारत ने अमेरिका को 29 रन, नामीबिया को 93 रन, पाकिस्तान को 61 रन और नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया था. लेकिन अहमदाबाद में अहम टॉस हारने के बाद साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग कर बड़ा स्कोर बना दिया, जिससे भारत दबाव में आ गया.
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दबाव बनाकर भी ढीली कर दी पकड़
टॉस हारने के बावजूद मैच की शुरुआत में भारत का दबदबा था. साउथ अफ्रीका का स्कोर 20 रन पर पहुंचा ही था कि भारत ने एडेन मार्करम, क्विंटन डी कॉक और रियान रिकिल्टन जैसे 3 अहम विकेट गिरा दिए. लेकिन टीम इंडिया इस बढ़त को कायम नहीं रख सकी. डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस की तूफानी पार्टनरशिप ने साउथ अफ्रीका को मैच में वापस ला दिया. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 50 गेंदों में 97 रन जोड़कर भारत की पकड़ ढीली कर दी.
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असहाय दिखे स्पिनर्स
मैच के बीच के ओवरों में भारतीय स्पिनर्स रन रोकने में नाकाम रहे. वरुण चक्रवर्ती ने खूब रन लुटाए, वहीं वॉशिंगटन सुंदर भी साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाए. वरुण ने अपने आखिरी ओवर में डेविड मिलर का विकेट जरूर लिया. सुंदर और वरुण ने मिलकर छह ओवर में 64 रन दिए और सिर्फ एक विकेट लिया. अहमदाबाद की पिच पर भारतीय स्पिनर्स सही लेंथ पर गेंद नहीं डाल पाए.
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वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल करना बड़ी भूल
वाइस-कैप्टन अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल करने का फैसला पूरी तरह गलत साबित हुआ. सुंदर को क्विंटन डी कॉक, रियान रिकिल्टन और डेविड मिलर जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाजों को रोकने के लिए लाया गया था. लेकिन सुंदर के आने से पहले ही डी कॉक और रिकिल्टन आउट हो गए, जिससे उनका सही इस्तेमाल नहीं हो सका. जब सुंदर गेंदबाजी करने आए तो क्रीज पर मिलर थे, लेकिन दूसरी तरफ दाएं हाथ के डेवाल्ड ब्रेविस ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे थे. इसलिए सुंदर ने सिर्फ दो ओवर फेंके, जिसमें 17 रन दिए और कोई विकेट नहीं मिला. बैटिंग में उन्हें पांचवें नंबर पर भेजा गया, लेकिन वह 11 गेंदों में सिर्फ 11 रन ही बना सके.
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टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज रोते नजर आए...
जवाब में बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. इस वर्ल्ड कप में अमेरिका के खिलाफ मैच को छोड़कर, ईशान किशन ने हर मैच में भारत को पावरप्ले में तेज शुरुआत दी थी. लेकिन इस मैच में अभिषेक शर्मा के लिए लगाए गए एडेन मार्करम के जाल में किशन पहले ही ओवर में फंस गए. अभिषेक ने एक छक्का और दो चौके लगाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए. वहीं, धीमी बैटिंग के लिए आलोचना झेल रहे तिलक वर्मा ने आते ही बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और अपना विकेट गंवा दिया, जिससे भारत भारी दबाव में आ गया.
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टुक-टुक ने सब धरासायी कर डाला, नहीं हुई बड़ी पार्टनरशिप
बैटिंग के दौरान टीम इंडिया कोई भी बड़ी पार्टनरशिप नहीं बना सकी. बल्लेबाजों ने संभलकर खेलने के बजाय गैर-जरूरी आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, जो टीम को भारी पड़ा. लगातार विकेट गिरने से भारतीय पारी पूरी तरह बिखर गई. इस हार के बाद भारत को सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए अगले मैचों में बड़ी वापसी करनी होगी.
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भिषेक शर्मा और तिलक वर्मा पर भरोसा दिखाना भारी पड़ा
खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा पर लगातार भरोसा दिखाना भारत को भारी पड़ा. यह तय था कि जिस दिन ईशान किशन फेल होंगे, उस दिन टीम इंडिया दबाव में आ जाएगी. साउथ अफ्रीका के खिलाफ किशन पहले ओवर में आउट हुए, जिसके बाद तिलक वर्मा पर तेजी से रन बनाने का दबाव आया. अपना 'इंटेंट' दिखाने के चक्कर में तिलक दूसरी ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलते हुए आउट हो गए. वहीं, फिनिशर रिंकू सिंह को इस वर्ल्ड कप में कुल 29 गेंदें ही खेलने को मिली हैं, जिसमें उन्होंने 24 रन बनाए हैं. टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार होने के बावजूद मैनेजमेंट ने रिंकू की जगह दाएं हाथ के संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया है.
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ओस ने साउथ अफ्रीका को दिया बड़ा फायदा
मैच से पहले उम्मीद थी कि रात में दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को भारी ओस का सामना करना पड़ेगा. लेकिन भारत की बैटिंग के दौरान ओस नहीं गिरी, जिससे साउथ अफ्रीका के लिए चीजें आसान हो गईं. कप्तान एडेन मार्करम ने पेसर्स का बखूबी इस्तेमाल किया और साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने स्लो गेंदों का असरदार तरीके से इस्तेमाल कर भारत की रन गति पर लगाम लगा दी.
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