
टी20 क्रिकेट में अक्सर ओपनर एक दो गेंद तो संभलकर खेलते हैं। लेकिन इस मैच में अभिषेक शर्मा का अंदाज कुछ अलग देखने को मिला। जिसकी बदौलत न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 38 गेंदों में 113 रन ठोक दिए। उनकी तूफानी पारी के दम पर भारत ने 199 रन का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में हासिल कर लिया और 6 विकेट से जीत दर्ज की।
वैभव सूर्यवंशी का विकेट गिरने के बावजूद भी अभिषेक शर्मा ने अपने खेलने का तरीका नहीं बदला। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए बड़े शॉट खेलने जारी रखे। उनका मकसद साफ था- न्यूजीलैंड को वापसी का मौका नहीं देना और रन बनाने की रफ्तार बनाए रखना।
अभिषेक ने अपनी पारी में 9 चौके और 11 छक्के लगाए। यानी उन्होंने बाउंड्री से ही 102 रन बना दिए। उनकी बल्लेबाजी में ताकत के साथ बेहतरीन टाइमिंग भी देखने को मिली। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन अभिषेक लगातार रन बनाते रहे। उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया।
अभिषेक की तेज बल्लेबाजी ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया। जब बल्लेबाज लगातार चौके और छक्के लगा रहा हो, तो गेंदबाज के लिए सही लाइन और लेंथ बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। फील्डिंग में बदलाव और अलग-अलग गेंदों का इस्तेमाल भी तब ज्यादा असरदार नहीं दिखता, जब बल्लेबाज लगातार आक्रामक अंदाज में खेल रहा हो।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 198 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने 13.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 199 रन बना लिए। भारत ने यह मुकाबला 6 विकेट से जीता और अभिषेक शर्मा अपनी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच बने।
इस मैच में अभिषेक ने दिखाया कि आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सही शॉट चुनने की क्षमता भी जरूरी है। शुरुआती झटके के बावजूद उन्होंने रन बनाने की रफ्तार कम नहीं की और अपनी पारी से भारत की जीत आसान बना दी।