
KKR vs LSG Run Out Controversy: आईपीएल में हर सीजन कुछ ऐसे पल आते हैं, जो सिर्फ मैच का हिस्सा नहीं रहते, बल्कि लंबे समय तक बहस का विषय बन जाते हैं। IPL 2026 के 38वें मुकाबले में Kolkata Knight Riders और Lucknow Super Giants के बीच ऐसा ही एक विवाद सामने आया, जिसने खिलाड़ियों से लेकर फैंस तक सभी को चौंका दिया।
युवा बल्लेबाज Angkrish Raghuvanshi को ‘Obstructing the Field’ के तहत आउट दिए जाने के बाद सोशल मीडिया से लेकर डगआउट तक हंगामा मच गया। कई लोगों ने इसे KKR के साथ नाइंसाफी बताया, तो कुछ ने थर्ड अंपायर के फैसले को नियमों के अनुसार सही ठहराया।
केकेआर की पारी का 5वां ओवर Prince Yadav फेंक रहे थे। ओवर की आखिरी गेंद पर अंगकृष रघुवंशी ने बैक ऑफ लेंथ गेंद को मिड-ऑन की तरफ हल्के हाथों से खेला और रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन उनके साथी बल्लेबाज Cameron Green ने उन्हें बीच रास्ते से वापस भेज दिया। रघुवंशी आधे रास्ते से लौटे और क्रीज में पहुंचने के लिए डाइव लगाई। इसी दौरान Mohammed Shami ने तेजी से थ्रो फेंका, लेकिन गेंद सीधे रघुवंशी के शरीर पर जा लगी। पहले यह सामान्य रन-आउट की कोशिश लगी, लेकिन इसके बाद मैच का सबसे बड़ा विवाद शुरू हुआ।
लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से हल्की अपील की गई। शुरुआत में लगा कि बल्लेबाज केवल क्रीज में लौटने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन थर्ड अंपायर ने रिप्ले को अलग नजरिए से देखा। रीप्ले में यह माना गया कि रघुवंशी ने थ्रो की लाइन में आने के लिए अपनी दिशा बदली। उनके “टर्निंग रेडियस” को सामान्य से अधिक माना गया और यह भी देखा गया कि उन्होंने गेंद की दिशा की ओर देखा। थर्ड अंपायर ने निष्कर्ष निकाला कि बल्लेबाज ने जानबूझकर थ्रो को बाधित किया, इसलिए उन्हें ‘Obstructing the Field’ के तहत आउट करार दिया गया।
जैसे ही स्क्रीन पर OUT दिखाई दिया, अंगकृष रघुवंशी काफी नाराज नजर आए। मैदान पर ही उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपना हेलमेट फेंक दिया और बल्ला भी बाउंड्री लाइन के पास पटक दिया। KKR डगआउट में भी इस फैसले को लेकर असंतोष साफ दिखाई दिया। अंततः रघुवंशी 8 गेंदों पर 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, लेकिन चर्चा उनके रन से ज्यादा उनके आउट होने के तरीके पर होने लगी।
क्रिकेट के नियमों में ‘Obstructing the Field’ एक बेहद दुर्लभ आउट माना जाता है। इस नियम के अनुसार, अगर बल्लेबाज गेंद खेल में होने के दौरान जानबूझकर फील्डिंग टीम के प्रयास में बाधा डालता है, तो उसे आउट दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए-
तो अंपायर उसे आउट दे सकता है। यहां सबसे अहम शब्द है “जानबूझकर”। यानी फैसला पूरी तरह बल्लेबाज की मंशा (intent) पर निर्भर करता है।
यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सवाल है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस का मानना है कि रघुवंशी सिर्फ क्रीज में लौटने की कोशिश कर रहे थे और उनका उद्देश्य थ्रो रोकना नहीं था। वहीं अंपायर ने उनके मूवमेंट को इरादतन माना। सोशल मीडिया पर भी फैंस दो हिस्सों में बंट गए। कुछ ने इसे “कठोर लेकिन नियमों के अनुसार सही फैसला” कहा, जबकि कई लोगों ने इसे KKR के खिलाफ अन्याय बताया। Reddit पर भी यूज़र्स ने फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
अंगकृष रघुवंशी का यह आउट IPL 2026 की सबसे चर्चित और दुर्लभ घटनाओं में शामिल हो चुका है। ‘Obstructing the Field’ जैसे नियम रोज़ देखने को नहीं मिलते, और जब ऐसा फैसला मैच के दबाव में आता है, तो विवाद होना तय है। फिलहाल सवाल वही है, क्या यह नियम का सही इस्तेमाल था, या KKR के साथ हुई बेईमानी? जवाब शायद नियमों में मिल जाए, लेकिन बहस अभी लंबी चलने वाली है।