
Ashirwad Suryavanshi Century: वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी भी अब अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे हैं। महज 10 साल की उम्र में आशीर्वाद ने एक लोकल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 168 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सूर्यवंशी परिवार में क्रिकेट प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
आशीर्वाद सूर्यवंशी ने समस्तीपुर में खेले गए एक स्थानीय मुकाबले में ऋषभ-11 की ओर से खेलते हुए वैशाली-11 के खिलाफ 119 गेंदों पर 168 रन बनाए। उनकी इस बेहतरीन पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। आशीर्वाद की बल्लेबाजी के दम पर उनकी टीम ने मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। बुधवार को आशीर्वाद ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी इस उपलब्धि की जानकारी भी शेयर की।
Proud of you, my little brother. Keep shining and making us proud every day ❤️ pic.twitter.com/VuKWZ7rroG
— Vaibhav Sooryavanshi (@Vaibhavsooryava) June 24, 2026
यह पहली बार नहीं है जब आशीर्वाद ने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया हो। इसी महीने उन्होंने समस्तीपुर में खेले गए एक स्थानीय प्रैक्टिस मैच में भी शानदार शतक लगाया था। ताजपुर क्रिकेट अकादमी की ओर से खेलते हुए आशीर्वाद ने 87 गेंदों में 103 रन बनाए थे। यह उनके करियर का पहला शतक था, जिसके बाद उनकी काफी चर्चा हुई थी।
आशीर्वाद के पिता संजीव सूर्यवंशी पहले ही कह चुके हैं कि वे अपने छोटे बेटे को भी आने वाले दो वर्षों में बड़े भाई वैभव की तरह एक बेहतरीन क्रिकेटर बनाना चाहते हैं। आशीर्वाद फिलहाल बिहार में क्रिकेट की रेगुलर ट्रेनिंग ले रहे हैं और अपने खेल को लगातार निखार रहे हैं। उनके पहले शतक के बाद संजीव सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए एक इमोशनल पोस्ट भी शेयर की थी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा था, "मेरे छोटे बेटे आशीर्वाद सूर्यवंशी ने आज प्रैक्टिस मैच में अपना पहला शतक बनाया। आप सभी से अनुरोध है कि आशीर्वाद पर भी अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।"
वैभव सूर्यवंशी तीन भाई हैं। सबसे बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि सबसे छोटे आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं। पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने अपने बेटों के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिवार का पूरा ध्यान बच्चों की क्रिकेट यात्रा को मजबूत बनाने पर है।
आशीर्वाद दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि उनके बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। हालांकि, दोनों भाइयों की बैटिंग स्टाइल काफी हद तक एक जैसी मानी जाती है। आशीर्वाद भी वैभव की तरह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं। वे बेहतरीन टाइमिंग, सही शॉट चयन और पावर हिटिंग के लिए जाने जाते हैं। कम उम्र में ही उनकी बल्लेबाजी में मैच्योरिटी दिखाई देने लगी है।
आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। हाल ही में उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय टीम में भी उन्हें जगह मिली है।
वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 71 दिन की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए। शेफाली वर्मा पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन तेंदुलकर को 16 साल 194 दिन की उम्र में नेशनल टीम में मौका मिला था।
वैभव सूर्यवंशी लगातार रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर रहे हैं। तीन दिन पहले उन्होंने इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। इसके साथ ही उन्होंने 50 ओवर क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके अलावा 21 जून को ट्राई सीरीज के फाइनल में श्रीलंका-ए के खिलाफ उन्होंने केवल 29 गेंदों पर 94 रन की विस्फोटक पारी खेली थी।