
बर्मिंघम: महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को एकतरफा जीत दिलाने के बाद ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपनी खुशी जाहिर की है। वर्ल्ड कप से ठीक पहले खराब फॉर्म की वजह से दीप्ति काफी आलोचना झेल रही थीं, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन (5/10) किया। इस अविश्वसनीय प्रदर्शन के बाद दीप्ति ने बड़ी श्रद्धा और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी।
दीप्ति ने कहा, ''मैं भगवान की शुक्रगुजार हूं, हनुमान जी महान हैं। मुझे आईसीसी टूर्नामेंट खेलना बहुत पसंद है। मैंने पिछला आईसीसी टूर्नामेंट (वनडे वर्ल्ड कप फाइनल) जहां खत्म किया था, वहीं से इस वर्ल्ड कप की शुरुआत की है।'' आपको बता दें कि इस वर्ल्ड कप से पहले खेले गए 12 मैचों में दीप्ति सिर्फ 14 विकेट ही ले पाई थीं, जिससे उनके फॉर्म पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के दौरों पर भी वह न तो रन बना पा रही थीं और न ही विकेट ले पा रही थीं।
लेकिन इस मैच में 5 विकेट लेने के साथ ही दीप्ति शर्मा महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट (166 विकेट) लेने वाली गेंदबाज बन गईं। उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग (165 विकेट) का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके अलावा, वह झूलन गोस्वामी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 350 विकेट पूरे करने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी भी बन गईं।
अपने खराब फॉर्म पर बात करते हुए दीप्ति ने कहा, ''सच कहूं तो जब मुझे विकेट नहीं मिल रहे थे, तब मैं बिल्कुल भी परेशान नहीं थी। मुझे पूरा यकीन था कि सही समय आने पर मैं टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगी। मैं हमेशा इसी सोच के साथ गेंदबाजी करती हूं।'' पावरप्ले में गेंदबाजी करने आईं दीप्ति ने पाकिस्तान की ओपनिंग जोड़ी को तोड़ा। उन्होंने गुल फ़िरोज़ा और आयशा ज़फ़र को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।
जबरदस्त रनआउट: मैच में दो जीवनदान पाकर खतरनाक दिख रहीं पाकिस्तानी ओपनर मुनीबा अली (41 रन) को दीप्ति ने ही बैकवर्ड पॉइंट से दौड़कर सीधे थ्रो पर रनआउट किया था। यही विकेट मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। पाकिस्तानी पारी के 17वें ओवर में दीप्ति ने सिर्फ 5 गेंदों के अंदर आखिरी 3 विकेट चटकाकर पाकिस्तान को 106 रन पर समेट दिया। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट लिए, जो उनके करियर का बेस्ट स्पेल है।