
मुंबईः एक ऐसा एटीट्यूड जो हर किसी को पसंद नहीं आता। मैदान पर अपने जज्बातों को कभी न छिपाने वाला खिलाड़ी। इसी वजह से जूनियर लेवल पर कई बार उन्हें नजरअंदाज किया गया। 2014 तक ऐसा लग रहा था कि उनका करियर गली क्रिकेट तक ही सिमट कर रह जाएगा। लेकिन वहां से उन्हें भारतीय क्रिकेट का प्रीमियम ऑल-राउंडर बनाने की नींव एक टीम ने रखी - मुंबई इंडियंस। 10 लाख की बेस प्राइस से उसी टीम का कप्तान बनने तक का सफर। किसी भी खिलाड़ी के लिए यह एक सपने जैसा था, और ये सपना जिया हार्दिक हिमांशु पंड्या ने।
लेकिन, अपने करियर के पीक पर हार्दिक को सबसे बड़ा झटका लगता दिख रहा है। हो सकता है कि जल्द ही उन्हें मुंबई इंडियंस की कप्तानी से हटना पड़े। आखिर हार्दिक के इस उतार-चढ़ाव की वजह क्या है, और अगर उन्हें मुंबई की जर्सी छोड़नी पड़ी तो उनका भविष्य क्या होगा?
2015 से 2021 तक हार्दिक मुंबई के साथ एक ऑल-राउंडर और एक स्टार के तौर पर बड़े हुए। टीम और हार्दिक, दोनों का सफर एक ही दिशा में था। इस दौरान मुंबई ने चार खिताब जीते और हार्दिक नेशनल टीम का एक अहम हिस्सा बन गए। लेकिन, 2019 में लगी कमर की चोट ने सब कुछ बदल दिया। 2020 और 2021 के सीजन में हार्दिक सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर टीम के साथ थे।
जब ऑल-राउंडर वाला फायदा खत्म होने लगा, तो मेगा ऑक्शन से पहले मुंबई ने उन्हें रिलीज करने का फैसला किया। 2015 में जब मुंबई ने उन्हें खरीदा था तो हार्दिक का करियर आसमान छू गया था, और 2021 में जब उन्हें रिलीज किया गया, तब भी ऐसा ही हुआ। वह गुजरात टाइटंस के कप्तान बने, दो सीजन खेले, एक में खिताब जिताया और दूसरे में रनर्स-अप रहे। यहां, एक बार फिर मुंबई ने हार्दिक के करियर में एक नया मोड़ ला दिया।
टीम में वापसी का मौका, और साथ में कप्तानी। यह IPL इतिहास का सबसे सनसनीखेज ट्रेड था। अब तक जब भी मुंबई और हार्दिक साथ आए थे, दोनों को सिर्फ तरक्की मिली थी। लेकिन इस बार, फ्रेंचाइजी के भविष्य पर ध्यान देने के चक्कर में मैनेजमेंट से कुछ गलतियां हो गईं।
पहली गलती थी हार्दिक के आते ही रोहित शर्मा को अचानक कप्तानी से हटा देना। यह फैसला तब लिया गया जब रोहित 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार से उबरे भी नहीं थे। फैंस को 5 खिताब जिताने वाले कप्तान के साथ यह बर्ताव बिल्कुल पसंद नहीं आया। इसका गुस्सा सड़कों और स्टेडियम, दोनों जगह दिखा। और इसका शिकार बने हार्दिक पंड्या।
दूसरी गलती यह थी कि टीम में उस वक्त कप्तानी के लायक दो और खिलाड़ी मौजूद थे - जसप्रीत बुमराह और सूर्यकुमार यादव। दोनों को नजरअंदाज कर हार्दिक के लिए कप्तानी की कुर्सी लगाई गई। बुमराह और सूर्या ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करने में कोई हिचक नहीं दिखाई। नेशनल मीडिया में ऐसी कई रिपोर्टें आईं कि इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। फिर भी, उम्मीद थी कि इसका असर मैदान पर नहीं दिखेगा।
लेकिन, रोहित की कप्तानी वाली वो मुंबई इंडियंस, जो वापसी करने के लिए जानी जाती थी, उसका जोश और एकता हार्दिक की कप्तानी में कभी नजर नहीं आई। हार्दिक ने 39 मैचों में मुंबई की कप्तानी की, जिसमें 24 में हार मिली। और सिर्फ तीन सीजन में ही उन पर फ्रेंचाइजी के सबसे खराब कप्तान होने का ठप्पा लग गया। मैदान पर उनका बर्ताव, सीनियर खिलाड़ियों से उनका रवैया, सलाह न मानने की आदत, और रणनीति में चूक - इस एक सीजन में ही गिनाने के लिए बहुत कुछ था।
हार्दिक ने एक बार मुंबई इंडियंस के बारे में कहा था कि यह टीम दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टारों को लाकर खिताब जीतती है। इस पर रोहित का जवाब भी याद करने लायक है, कि मुंबई सुपरस्टारों को बनाती है। हार्दिक भी उन्हीं बनाए गए सुपरस्टारों में से एक थे। लेकिन जब दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हार्दिक के हाथ में आए, तो वह कुछ नहीं कर सके। 2025 का प्ले-ऑफ ही अब एकमात्र राहत की बात लगती है।
इस सीजन में टीम सिर्फ चार मैच जीत पाई। मालिकों को मैच के बीच में उठकर जाते हुए देखा गया। हार्दिक की कप्तानी में मुंबई को वह तो नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी, बल्कि टीम ने अपने इतिहास का सबसे खराब दौर देखा।
अब सवाल है कि आगे क्या? अफवाहें हैं कि हार्दिक चेन्नई सुपर किंग्स जा सकते हैं। लेकिन क्या चेन्नई का माहौल हार्दिक के लिए सही है? यह एक सवाल है। चेन्नई भी बदलाव के दौर से गुजर रही है, ऋतुराज वहां कप्तान हैं, और धोनी के उत्तराधिकारी के तौर पर संजू सैमसन को भी देखा जा रहा है। क्या हार्दिक कप्तानी से कम कुछ भी स्वीकार करने को तैयार होंगे? यह एक और बड़ा सवाल है।