
India vs England Semi Final Match Result: भारतीय टीम आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंच गई है। गुरुवार 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हरा दिया। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 254 रन का टारगेट रखा। जवाब में इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 246 रन ही बना सकी।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। अब रविवार 8 मार्च को भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा। यह फाइनल मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम की बल्लेबाजी इस मैच में काफी मजबूत नजर आई, हालांकि गेंदबाजी में कुछ कमजोरियां जरूर दिखीं। फील्डिंग के मामले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। अक्षर पटेल ने कुछ शानदार कैच लपके, जिनकी बदौलत अंग्रेज टीम बैकफुट पर आ गई।
वानखेड़े स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए एक बार फिर शानदार साबित हुई। यही वजह रही कि दोनों टीमों ने मिलकर इस मुकाबले में 500 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं इंग्लैंड ने भी लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले को आखिरी ओवरों तक रोमांचक बनाए रखा।
इस मैच में अक्षर पटेल की फील्डिंग टीम इंडिया के लिए गेमचेंजर साबित हुई। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक का शानदार कैच लेकर टीम को बड़ी सफलता दिलाई। इसके अलावा अक्षर ने विल जैक्स को आउट कराने में भी अहम भूमिका निभाई, जो उस समय क्रीज पर पूरी तरह सेट हो चुके थे और ऐसा लग रहा था कि मैच भारत की पकड़ से दूर होता जा रहा है। इतना ही नहीं, अक्षर ने फिल साल्ट का कैच लेकर इंग्लैंड की पारी में टीम इंडिया को पहली सफलता दिलाने में भी योगदान दिया।
इंग्लैंड की पारी के दौरान 18वां और 19वां ओवर मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। 18वां ओवर जसप्रीत बुमराह ने डाला, जिसमें इंग्लैंड सिर्फ 6 रन ही बना सका। इसके बाद 19वां ओवर हार्दिक पंड्या ने किया, जहां उन्होंने सिर्फ 9 रन दिए और सैम करन का अहम विकेट भी चटकाया। इन दो ओवरों की कसी हुई गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड को आखिरी ओवर में जीत के लिए 30 रन चाहिए थे, जो बेहद मुश्किल लक्ष्य था।
भारतीय टीम की बल्लेबाजी में संजू सैमसन ने 42 गेंदों में 89 रन की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी में सैमसन ने 8 चौके और 7 छक्के लगाए। इंग्लैंड के गेंदबाज उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन सैमसन ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए फिरंगी गेंदबाजों को मैदान के चारों तरफ मारा। 15 रन के स्कोर पर सैमसन को एक जीवनदान भी मिला, जब कप्तान हैरी ब्रूक ने उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद तो सैमसन इंग्लैंड के लिए बेहद खतरनाक साबित हुए।