
IND vs PAK T20 World Cup 2026: कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले माहौल गरमा गया है। इसी बीच, अब एक नया विवाद चर्चा में है। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इस बड़े मैच से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की ‘नो हैंडशेक’ पॉलिसी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस फैसले को मूर्खतापूर्ण और बड़े क्रिकेटिंग देश के लिए ठीक नहीं बताया है।
संजय मांजरेकर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि भारत ने ‘हाथ नहीं मिलाने’ का जो नियम शुरू किया है, वह समझ से परे है। भारत जैसे बड़े देश को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दोनों टीमें मैदान पर आमने-सामने खेल रही हैं, तो खेल भावना और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। मांजरेकर का मानना है कि या तो पूरी खेल भावना के साथ मुकाबला किया जाए या फिर बिल्कुल नहीं खेला जाए।
हाल के महीनों में भारत की पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘नो हैंडशेक’ पॉलिसी अपनाई है। मेन्स एशिया कप 2025 के दौरान भी इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी। यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया था। उस हमले में पाकिस्तान के आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या की थी।
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव इस मुद्दे पर सीधा बयान देने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा, 24 घंटे इंतजार कीजिए। हम यहां क्रिकेट खेलने आए हैं। उनके बयान से साफ है कि टीम इस विषय पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती और पूरा फोकस मैच पर रखना चाहती है।
पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने कहा कि क्रिकेट हमेशा खेल भावना के साथ खेला जाना चाहिए। उनकी टीम पारंपरिक हैंडशेक के लिए तैयार है। सलमान ने यह भी कहा कि अंतिम फैसला भारत के हाथ में है, लेकिन क्रिकेट में खेल भावना सबसे ऊपर होनी चाहिए।
एशिया कप 2025 के दौरान जब सूर्यकुमार यादव ने हैंडशेक से इनकार किया था, तब पाकिस्तान ने नाराजगी जताई थी। यहां तक कि कुछ समय के लिए टूर्नामेंट के बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि, बाद में पाकिस्तानी टीम ने टूर्नामेंट में खेलना जारी रखा।
अब कोलंबो में होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में सिर्फ रन और विकेट ही चर्चा का विषय नहीं होंगे। मैच से पहले और बाद का संभावित ‘हैंडशेक मोमेंट’ भी सभी की निगाहों में रहेगा। भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा भावनाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार पारंपरिक हैंडशेक होगा या टीम इंडिया की ‘नो हैंडशेक’ पॉलिसी जारी रहेगी।