
Why India A Penalised 10 Runs: सोमवार को डाम्बुला में खेली गई ट्राई-नेशन A सीरीज के चौथे मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक बेहद दुर्लभ और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। श्रीलंका A की पारी शुरू होने से पहले ही स्कोरबोर्ड पर उनके नाम 10 रन दर्ज थे। मैच में इंडिया A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 265 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था, लेकिन मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा श्रीलंका A को बिना कोई गेंद खेले मिले 10 रन रहे।
जब श्रीलंका A की टीम लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरी, तब पहली गेंद फेंके जाने से पहले ही उनका स्कोर 10/0 था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इंडिया A की बल्लेबाजी के दौरान खिलाड़ियों ने कई बार पिच के "प्रोटेक्टेड एरिया" यानी सुरक्षित क्षेत्र पर दौड़ने का नियम तोड़ा। इसके चलते अंपायरों ने पेनल्टी रन दिए, जो सीधे श्रीलंका A के खाते में जोड़ दिए गए।
इंडिया A की बल्लेबाजी के दौरान पहली गलती 33वें ओवर में हुई। ऑलराउंडर अनुकूल रॉय पिच के सुरक्षित क्षेत्र पर दौड़ते हुए पाए गए। इसके बाद अंपायर ने टीम को पहली चेतावनी दी। इसके बाद, 35वें ओवर में बल्लेबाज विपराज निगम भी उसी क्षेत्र पर दौड़ गए। यह दूसरी गलती थी, जिसके बाद नियमों के अनुसार फील्डिंग कर रही टीम यानी श्रीलंका A को 5 रन की पेनल्टी दे दी गई। हालांकि, इसके बावजूद गलती नहीं रुकी। 37वें ओवर में विपराज निगम एक बार फिर प्रोटेक्टेड एरिया पर दौड़ गए। इसके चलते इंडिया A पर दोबारा 5 रन की पेनल्टी लगाई गई। इस तरह कुल 10 रन श्रीलंका A के खाते में जुड़ गए और उनकी पारी 10/0 के स्कोर से शुरू हुई।
क्रिकेट के नियमों के मुताबिक बल्लेबाजों को पिच के बीच वाले सुरक्षित हिस्से यानी प्रोटेक्टेड एरिया पर जानबूझकर या लापरवाही से दौड़ने की अनुमति नहीं होती। यदि कोई खिलाड़ी पहली बार ऐसा करता है तो अंपायर चेतावनी देते हैं। इसके बाद दोबारा नियम तोड़ने पर बल्लेबाजी कर रही टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगाई जाती है। यदि गलती बार-बार दोहराई जाए तो हर बार अतिरिक्त 5 रन विपक्षी टीम को दिए जा सकते हैं।
पिच का यह हिस्सा गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। खिलाड़ियों के जूतों में लगी स्पाइक्स पिच की सतह को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अगर इस हिस्से पर बार-बार दौड़ा जाए तो वहां खुरदरे निशान और गड्ढे बन सकते हैं, जिससे मैच के बाद के चरणों में गेंद की उछाल और टर्न प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से ICC और MCC के नियम इस क्षेत्र की सुरक्षा को बेहद अहम मानते हैं।
मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया A को वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि वे अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके।इसके बाद इंडिया A की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 143 रन पर 7 विकेट गंवाकर मुश्किल में फंस गई। ऐसे समय में स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने शानदार साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला।
सूर्यांश शेडगे ने 66 गेंदों में 72 रन की बेहतरीन पारी खेली। वहीं विपराज निगम ने 49 गेंदों पर 51 रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों की जिम्मेदार पारियों की बदौलत इंडिया A ने खराब स्थिति से उबरते हुए 265 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। मिडिल ऑर्डर के लगातार विकेट गिरने के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।