
ये कहानी कुछ-कुछ डेविड और गोलियथ जैसी है। एक तरफ मिचेल सैंटनर की न्यूजीलैंड टीम, जिसे किसी ने खिताब का दावेदार नहीं माना था। दूसरी तरफ, इस फॉर्मेट की सबसे धाकड़ टीमों में से एक, टीम इंडिया। मैच उसी मैदान पर है, जहां रोहित और कोहली के आंसू बहे थे। तो क्या इतिहास खुद को दोहराएगा या भारत बदला पूरा करेगा?
अगर टीम इंडिया को चैंपियन बनना है, तो उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ कुछ अहम मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। यहां कप्तान सूर्या के सबसे बड़े हथियार होंगे- वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह। न्यूजीलैंड की टीम भारत की तरह बहुत ज्यादा आक्रामक नहीं है, लेकिन वे टैक्टिक्स में माहिर हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका को कैसे हराया, ये इसका सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने प्रोटियाज की बैटिंग को रणनीति बनाकर फंसाया और फिर उनके बॉलर्स की जमकर धुनाई की। कीवी टीम की सबसे बड़ी ताकत उनकी ओपनिंग जोड़ी है- फिन एलन और टिम साइफर्ट। वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के 48% रन इन्हीं दोनों ने बनाए हैं।
अहमदाबाद की पिच बल्लेबाजों के लिए जन्नत जैसी होगी। यहां पेस और बाउंस दोनों मिलेगा, और स्पिनर्स को भी हल्की मदद मिल सकती है। इस टूर्नामेंट में पेस बॉलिंग के खिलाफ न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड शानदार रहा है। कीवी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 177 का है। अकेले फिन एलन का तो 220 से भी ऊपर है और वो पेसर्स के खिलाफ सिर्फ दो बार आउट हुए हैं। यहीं पर भारत वरुण चक्रवर्ती और बुमराह को इस्तेमाल करेगा।
जो फिन एलन पेसर्स के खिलाफ आग उगलता है, वही स्पिनर्स के आगे पानी भरता नजर आता है, खासकर मिस्ट्री स्पिनर्स के सामने। इसी वर्ल्ड कप में मुजीब उर रहमान और महीश तीक्षणा जैसे मिस्ट्री स्पिनर्स ने पावरप्ले में ही एलन को पवेलियन भेजा है। यानी वरुण को भी पावरप्ले में ही मौका मिल सकता है। खराब फॉर्म से जूझ रहे वरुण के लिए आत्मविश्वास वापस पाने का यह सबसे अच्छा मौका होगा।
दूसरी तरफ, साइफर्ट के लिए बुमराह और अर्शदीप सिंह बड़ी चुनौती होंगे। दोनों ने साइफर्ट को 2-2 बार आउट किया है। बुमराह के खिलाफ तो साइफर्ट का स्ट्राइक रेट सिर्फ 124 का है। अगर भारत ने ओपनर्स को जल्दी निपटा दिया, तो न्यूजीलैंड का मिडिल ऑर्डर खुल जाएगा। यहीं अक्षर पटेल अपना दबदबा बना सकते हैं। कीवी मिडिल ऑर्डर में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स बड़े नाम हैं।
मिचेल भले ही फॉर्म में न हों, लेकिन फिलिप्स ने टूर्नामेंट में 160 की स्ट्राइक रेट से 176 रन बनाए हैं। इन दोनों के खिलाफ अक्षर पटेल तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। अक्षर ने अपने करियर में फिलिप्स को 3 बार और मिचेल को 2 बार आउट किया है। लेफ्ट आर्म स्पिनर के खिलाफ इन दोनों का औसत 20 से भी कम है, फिलिप्स का तो सिर्फ 10 है। यानी बीच के ओवर्स में अक्षर मैच का रुख पलट सकते हैं।
इन सबके अलावा एक और नाम है- हार्दिक पंड्या। अहमदाबाद में हार्दिक का रिकॉर्ड टीम के किसी भी दूसरे खिलाड़ी से बेहतर है। हार्दिक ने यहां T20 इंटरनेशनल में 227 रन बनाए हैं, जिसमें 16 छक्के शामिल हैं। साथ ही 9 विकेट भी लिए हैं। जसप्रीत बुमराह ने भी अहमदाबाद में 6 विकेट चटकाए हैं। हार्दिक के 4 ओवर भी बुमराह जितने ही कीमती साबित हो सकते हैं।
लेकिन एक खतरा भी है। भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ऑफ स्पिनर कोल मैकोंची से सावधान रहना होगा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में मैकोंची ने सिर्फ एक ओवर फेंका और दो बड़े लेफ्टी बल्लेबाजों- रयान रिकेल्टन और क्विंटन डी कॉक को आउट कर दिया था। वहीं, संजू सैमसन के लिए मैट हेनरी और मिचेल सैंटनर भी तैयार बैठे होंगे।