
Ishan Kishan Family Tragedy: रविवार शाम पूरा हिंदुस्तान टी20 वर्ल्ड कप की जीत के जश्न में डूबा था, चारों तरफ आतिशबाजी हो रही थी, हर तरफ 'इंडिया-इंडिया' का शोर था, फैंस खुशी से झूम रहे थे, लेकिन उसी समय टीम इंडिया के बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) की जिंदगी में एक ऐसा दर्द था, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। एक तरफ अहमदाबाद के मैदान में वह देश के लिए खेल रहे थे, वहीं सैकड़ों किलोमीटर दूर सिलीगुड़ी (Siliguri) में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
रविवार की शाम ईशान किशन के करियर की सबसे बड़ी शाम थी। उन्होंने सिर्फ 25 गेंदों में 54 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस फिफ्टी ने टीम इंडिया को जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया। लेकिन सैकड़ों किलोमीटर दूर सिलीगुड़ी के एक मुर्दाघर (मर्चुरी) में ईशान के पिता प्रणव पांडे अपनों के शवों के पास खड़े थे।
यह दुखद घटना शुक्रवार को हुई। ईशान की चचेरी बहन और उनके पति एक भीषण कार एक्सीडेंट का शिकार हो गए। हादसे में दोनों की जान चली गई। ईशान के पिता उस समय पटना एयरपोर्ट निकल रहे थे, ताकि अहमदाबाद जाकर बेटे का फाइनल मैच देख सकें, लेकिन इस खबर ने सब कुछ बदल दिया। उन्हें बेटे के पास जाने के बजाय सिलीगुड़ी के मुर्दाघर जाना पड़ा। जब बेटा देश को जीत दिला रहा था, तब पिता कानूनी कागजी कार्रवाई और अपनों को खोने के गम में डूबे थे।
इस दर्दनाक एक्सीडेंट में जहां ईशान ने अपनी बहन और जीजा को खो दिया, वहीं कार में मौजूद उनके दो मासूम बच्चे (एक 6 साल का और दूसरा महज 3 महीने का) इस हादसे में सुरक्षित बच गए। सबसे बड़ी बात यह रही कि ईशान के पिता ने इस दुख को अपने बेटे के खेल पर हावी नहीं होने दिया। फाइनल की शाम पूरा परिवार दुख में था, लेकिन बेटे को परेशान नहीं होने दिया।
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