
चंडीगढ़: IPL 2026 के सबसे रोमांचक एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स (RR) के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने अकेले ही तहलका मचा दिया। हैदराबाद के गेंदबाज़ों की धज्जियां उड़ाते हुए वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए। उनकी इस तूफानी पारी के दम पर राजस्थान रॉयल्स ने हैदराबाद के सामने 244 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। लेकिन, इस मैच में जब वैभव सूर्यवंशी आउट हुए, तो सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन (Kavya Maran) का रवैया देखकर क्रिकेट फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है।
मैच में टॉस जीतकर राजस्थान रॉयल्स ने पहले बैटिंग करने का फैसला किया। राजस्थान के लिए वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने पारी की शुरुआत की और पहले ओवर से ही हैदराबाद के गेंदबाज़ों पर टूट पड़े। इस जोड़ी ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8 ओवरों में 125 रनों की विस्फोटक साझेदारी कर मैच को राजस्थान के पाले में कर दिया था। काव्या मारन की टीम हैदराबाद के गेंदबाज़ों की हालत इतनी खराब थी कि स्टेडियम में बैठे सनराइजर्स के फैंस एकदम शांत हो गए थे। पहली पारी में ही मैच हाथ से निकलता देख स्टैंड्स में बैठीं मालकिन काव्या मारन भी चुपचाप बैठी थीं।
पहले ही ओवर में छक्का लगाकर अपने इरादे साफ कर देने वाले वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 16 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसके बाद भी उनका बल्ला नहीं रुका और 28 गेंदों में वो 97 रन तक पहुंच गए। लेकिन 29वीं गेंद पर एक बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में वैभव, प्रफुल हिंगे की गेंद पर कैच आउट हो गए। सिर्फ 3 रन से शतक और क्रिस गेल के 2013 के रिकॉर्ड (30 गेंदों में शतक) को तोड़ने का सुनहरा मौका गंवाने से वैभव बेहद निराश होकर पवेलियन की ओर लौट रहे थे।
उस वक्त मैदान पर मौजूद हैदराबाद टीम के खिलाड़ी, खासकर अभिषेक शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक पारी के लिए दिल खोलकर तालियां बजाईं। लेकिन, वीआईपी स्टैंड्स में बैठीं काव्या मारन अपनी सीट पर बैठी रहीं और बुझे हुए चेहरे के साथ आधे-अधूरे मन से ताली बजाती दिखीं।
काव्या मारन के इस फीके रिएक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और क्रिकेट फैंस उनकी खेल भावना (Sportsmanship) पर सवाल उठा रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा, "वैभव सूर्यवंशी ने एक अविश्वसनीय और शानदार पारी खेली। विरोधी टीम की मालकिन होने के बावजूद, काव्या मारन को कम से कम खड़े होकर (Stand up and applaud) उस युवा खिलाड़ी की हिम्मत को सलाम करना चाहिए था। इतना छोटा दिल दिखाना सही नहीं है।"