
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन और कमिश्नर ललित मोदी, लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक संजीव गोयनका पर बुरी तरह भड़क गए हैं। वजह ये है कि गोयनका ने IPL को खड़ा करने में ललित मोदी की भूमिका को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। हाल ही में, 2026 सीजन से पहले दो IPL फ्रेंचाइजी, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, क्रमशः 1.63 अरब डॉलर और 1.78 अरब डॉलर में बिकीं।
इन दोनों फ्रेंचाइजी की बिक्री के बाद संजीव गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने टीमों की बढ़ती वैल्यूएशन का जिक्र किया और लीग की इस जबरदस्त कमर्शियल ग्रोथ का श्रेय BCCI के पूर्व सचिव जय शाह को दे दिया।
IPL की ये दोनों टीमें, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, 24 मार्च को एक ही दिन बिकीं। इन ब्लॉकबस्टर डील्स से पता चलता है कि लीग की वैल्यू दुनिया भर में कितनी तेजी से बढ़ रही है। RR को अमेरिकी उद्यमी कल सोमानी की अगुवाई वाले कंसोर्टियम ने 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा में खरीदा, जबकि RCB को आदित्य बिड़ला ग्रुप की अगुवाई वाले कंसोर्टियम ने 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा में अपने नाम किया।
IPL के इतिहास में यह पहली बार था जब एक ही दिन में दो फ्रेंचाइजी अरबों डॉलर के सौदों में बिकीं। यह लीग की बेमिसाल आर्थिक तरक्की और ग्लोबल अपील को दिखाता है।
संजीव गोयनका के इस पोस्ट ने IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी को नाराज कर दिया। उन्होंने LSG के मालिक पर लीग बनाने में अपनी भूमिका को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। गोयनका के पोस्ट को कोट-रीट्वीट करते हुए ललित मोदी ने तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि LSG के मालिक को इस बात की 'जीरो नॉलेज' है कि लीग की शुरुआत कैसे हुई और वह इसके असली आर्किटेक्ट को नजरअंदाज कर रहे हैं। मोदी ने गोयनका के भाई हर्ष की तारीफ करते हुए उन्हें सच्चा क्रिकेट फैन बताया और कहा कि उन्हें फ्रेंचाइजी का मालिक होना चाहिए था।
ललित मोदी ने लिखा, “सच में, इस आदमी की याददाश्त चली गई है कि यह मॉडल किसने बनाया था। कोई बात नहीं। वह अपनी ही दुनिया में रहता है। हम सब यह जानते हैं। @DrSanjivGoenka एक जोकर है।”
उन्होंने आगे लिखा, “काश IPL फ्रेंचाइजी के मालिक उनके भाई @hvgoenka होते। वह एक सच्चे क्रिकेट फैन हैं। यह जोकर नहीं - जिसे लगता है कि उसका ट्वीट इतिहास बदल देगा। इससे बस यही साबित होता है कि उसे कुछ नहीं पता। बस दिमाग खराब हो गया है। जय हिंद @IPL।”
ललित मोदी को अक्सर इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत करने वाली ताकत माना जाता है। लीग को आधिकारिक तौर पर 2007 में लॉन्च किया गया था और पहला सीजन 2008 में शुरू हुआ। मोदी 2005 से 2010 तक IPL के चेयरमैन रहे, लेकिन बाद में BCCI ने उन्हें कदाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच पद से हटा दिया था।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स की वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल आया है। इसकी मुख्य वजह आकर्षक मीडिया राइट्स डील्स और बढ़ती ग्लोबल दिलचस्पी है। RCB को पहली बार 2008 में विजय माल्या की यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था, जबकि राजस्थान रॉयल्स को उसी साल इमर्जिंग मीडिया ने 67 मिलियन डॉलर में खरीदा था।
अब 2026 में, दोनों फ्रेंचाइजी की कीमत आसमान छू रही है और 1.6 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर गई है। इस उछाल के पीछे IPL के मीडिया राइट्स हैं, जो 48,390 करोड़ रुपये में बिके थे। इसके अलावा सेंट्रल स्पॉन्सरशिप और टाइटल राइट्स डील से सालाना 500 करोड़ रुपये की कमाई भी एक बड़ी वजह है।
RCB की वैल्यूएशन पिछले साल उनकी पहली IPL जीत और इस साल दूसरी WPL खिताब जीतने से और बढ़ी, जिससे उनकी ब्रांड वैल्यू 269 मिलियन डॉलर हो गई। इसके अलावा, विराट कोहली इफेक्ट ने भी RCB की ब्रांड विजिबिलिटी और मार्केटेबिलिटी को दुनिया भर में बढ़ाने में भूमिका निभाई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली की लोकप्रियता से फ्रेंचाइजी की कुल वैल्यूएशन में लगभग 300 मिलियन डॉलर का इजाफा होता है।
दूसरी ओर, RR ने कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) और SA20 जैसी विदेशी T20 लीगों में भी टीमें खरीदकर अपनी ग्लोबल मौजूदगी को मजबूत किया है। इसी ग्लोबल मल्टी-डील पैकेज की वजह से राजस्थान रॉयल्स की वैल्यूएशन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लगभग बराबर पहुंच गई।
राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अब IPL 2026 में लीग की सबसे मूल्यवान और व्यावसायिक रूप से शक्तिशाली फ्रेंचाइजी में से दो के रूप में उतरेंगी।