
अहमदाबाद: T20 वर्ल्ड कप 2026 का ताज किसके सिर सजेगा, इसका फैसला जल्द ही होने वाला है। 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी। इस बड़े मैच में टॉस और पिच का मिजाज बहुत अहम रहने वाला है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में तीन तरह की पिचें हैं- लाल मिट्टी, काली मिट्टी और इन दोनों के मेल से बनी मिक्स्ड मिट्टी वाली पिच। हर पिच की अपनी अलग खासियत है। काली मिट्टी की पिच पर गेंद थोड़ी रुककर आती है और मैच आगे बढ़ने पर यह धीमी हो जाती है। इससे दूसरी पारी में स्पिनर्स को काफी मदद मिलती है। वहीं, लाल मिट्टी की पिच तेज गेंदबाजों के लिए अच्छी होती है। इस पर अच्छा बाउंस मिलता है, जिससे बल्लेबाज आसानी से रन बना सकते हैं। यानी यह एक हाई-स्कोरिंग मैच के लिए बढ़िया है।
'ईएसपीएनक्रिकइन्फो' की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल मैच के लिए मिक्स्ड मिट्टी (Mixed Clay) वाली पिच इस्तेमाल होने की संभावना है। यह लाल और काली मिट्टी का कॉम्बिनेशन है, जो शुरुआत में बल्लेबाजों और बाद में गेंदबाजों, दोनों को मदद करती है। स्टेडियम के क्यूरेटर और ग्राउंड स्टाफ इस पिच पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। BCCI के CEO हेमांग अमीन भी इस पिच का बारीकी से मुआयना कर चुके हैं।
अगर इतिहास देखें, तो 9 फरवरी को इसी मैदान की मिक्स्ड पिच पर दक्षिण अफ्रीका और कनाडा के बीच एक मैच हुआ था। उस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने 213 रन बनाकर 53 रनों से शानदार जीत दर्ज की थी।
पहले बैटिंग करना फायदेमंद: टॉस जीतने वाली टीम के लिए पहले बल्लेबाजी करना ज्यादा फायदेमंद माना जा रहा है। दूसरी पारी में ओस (Dew) का असर भी देखने को मिल सकता है, जो गेंदबाजों के लिए थोड़ी चुनौती पैदा कर सकती है। कुल मिलाकर, अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह पिच वैसी ही होगी जैसी भारत और इंग्लैंड के बीच हुए सेमीफाइनल मैच में थी।