
Vaibhav Sooryavanshi Fearless Batting: वैभव सूर्यवंशी...ये वो नाम है, जो पल भर में किसी भी गेंदबाज की बखिया उधेड़ सकता है। 155 किमी/घंटा की रफ्तार से आने वाली गेंदों को भी वैभव आसानी से बाउंड्री पार भेज देते हैं। IPL जैसे बड़े मंच पर मौका मिलते ही उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़ने जैसा कमाल दिखाया है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका जैसे मुश्किल हालातों में भी सूर्यवंशी की परफॉर्मेंस शानदार रही है। यही वजह है कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें भारत की मुख्य टीम में शामिल करने की बात कही है। वहीं, सूर्यवंशी ने बताया कि उन्होंने आखिर किसके कहने पर चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ आक्रामक पारी खेली।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन चाहते हैं कि सूर्यवंशी को जल्द ही भारत की सीनियर टीम में मौका मिले। IPL 2026 के एक मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने 17 गेंदों में 52 रन बनाए, जिससे वॉन बेहद प्रभावित हुए। वॉन का मानना है कि सूर्यवंशी ने अपने सीनियर ओपनिंग पार्टनर यशस्वी जायसवाल से भी ज्यादा ध्यान आकर्षित किया। पिछले 12 महीनों में इस युवा बल्लेबाज ने बिना ज्यादा दबाव के लगातार रन बनाए हैं।
सूर्यवंशी ने सिर्फ IPL में ही नहीं, बल्कि भारत की अंडर-19 टीम के लिए भी शानदार प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने शतक लगाए। अंडर-19 विश्व कप फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन बनाए और भारत को जीत दिलाई। इस पारी में उन्होंने 15 छक्के और 15 चौके लगाए, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार उदाहरण है।
जब सूर्यवंशी IPL में उतरे, तो लोग “सेकंड-सीजन सिंड्रोम” की बात कर रहे थे। लेकिन उन्होंने अपनी पहली ही पारी में इन सभी आशंकाओं को खत्म कर दिया। गुवाहाटी में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने दूसरी ही गेंद पर छक्का लगाया और सिर्फ 15 गेंदों में 50 रन पूरे कर दिए। यह पारी उनके आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज़ को दिखाती है।
इस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराया। सूर्यवंशी और जायसवाल के बीच 75 रन की ओपनिंग साझेदारी हुई, जिसमें ज्यादातर रन सूर्यवंशी ने बनाए। जहां सूर्यवंशी ने 17 गेंदों में 52 रन बनाए, वहीं जायसवाल ने 36 गेंदों में 38 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया।
माइकल वॉन ने दोनों खिलाड़ियों की बल्लेबाज़ी की तुलना करते हुए कहा कि सूर्यवंशी का अंदाज पूरी तरह आधुनिक और आक्रामक है। जहां जायसवाल गेंद को देखकर सावधानी से खेल रहे थे, वहीं सूर्यवंशी हर गेंद को बाउंड्री के पार भेजने के इरादे से खेल रहे थे। उनके खेल में एक अलग ही आजादी और आत्मविश्वास नजर आता है।
मैच के बाद सूर्यवंशी ने बताया कि जायसवाल ने उन्हें खुलकर खेलने के लिए कहा था। चूंकि वे गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रहे थे, इसलिए उन्हें सिंगल-डबल लेने की जरूरत नहीं थी। यही वजह रही कि सूर्यवंशी ने बेखौफ होकर बड़े शॉट खेले और मैच को जल्दी खत्म कर दिया।
माइकल वॉन का मानना है कि सूर्यवंशी को जल्द ही भारतीय टीम के साथ जोड़ना चाहिए। भले ही उन्हें तुरंत प्लेइंग XI में मौका न मिले, लेकिन उन्हें टीम के माहौल का अनुभव मिलना जरूरी है। वॉन के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल किया जा सकता है, जिससे वे सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिता सकें और सीख सकें।