
Daryll Cullinan on Vaibhav Suryavanshi Debut: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डेरिल कलिनन ने एक बार फिर 15 वर्षीय भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। पिछले सप्ताह भी उन्होंने इस युवा खिलाड़ी के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे। अब उन्होंने विस्तार से बताया है कि इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी को अचानक सुर्खियों के केंद्र में लाना उसके लिए फायदे से ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है।
वैभव सूर्यवंशी अभी ऐसी उम्र में हैं, जब वह न तो वोट दे सकते हैं और न ही कार चला सकते हैं। इसके बावजूद उन्हें भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग लगातार बढ़ रही है। वह फिलहाल भारत की टी20 टीम का हिस्सा हैं, लेकिन अभी तक उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर, हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, टीम मैनेजमेंट का मानना है कि सूर्यवंशी को सही समय का इंतजार करना चाहिए, लेकिन फैंस लगातार उन्हें मैदान पर देखने की मांग कर रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर इस समय इतनी चर्चा हो रही है कि कई बार प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों से ज्यादा सुर्खियां उन्हीं की बन रही हैं। इसी बीच डेरिल कलिनन ने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि वह अभी केवल 15 साल के हैं और उनके सामने पूरी जिंदगी पड़ी है। अगर सब कुछ सही दिशा में चलता है तो वह अगले 20 से 25 साल या उससे भी ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते हैं। इसलिए इस समय उनकी सुरक्षा और सही परवरिश सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास से भी जुड़ी हुई है।
क्रिकइन्फो के लिए लिखे अपने लेख में कलिनन ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी में हम सिर्फ एक असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं देख रहे हैं। क्रिकेट ने इससे पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया, जहां एक बच्चा दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा चर्चित क्रिकेट माहौल के केंद्र में हो। भारतीय क्रिकेट और आईपीएल का प्रभाव बहुत बड़ा है।" उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने पहले भी कई युवा प्रतिभाओं को देखा है, लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में किसी 15 वर्षीय खिलाड़ी पर इतना बड़ा दबाव पहले कभी नहीं रहा। कलिनन के अनुसार, आज सोशल मीडिया ने एक युवा खिलाड़ी और करोड़ों लोगों की राय के बीच की दूरी लगभग खत्म कर दी है। ऐसे में सूर्यवंशी की जिंदगी सामान्य बच्चों जैसी नहीं रह गई है।
डेरिल कलिनन का मानना है कि इस समय सूर्यवंशी को अपने जीवन के सामान्य अनुभवों से गुजरने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने लिखा, "मेरी नजर में उसे घर पर अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए। दोस्तों के साथ गली क्रिकेट खेलना चाहिए और जब तक संभव हो, एक सामान्य लड़के की तरह जिंदगी जीनी चाहिए।" उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि उनके टैलेंट को नजरअंदाज किया जाए। बल्कि उद्देश्य यह है कि उनकी प्रतिभा को सही समय पर सही तरीके से विकसित होने दिया जाए, ताकि वह लंबे समय तक सफल करियर बना सकें।
कलिनन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की, लेकिन उनमें से हर कोई अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने पृथ्वी शॉ का उदाहरण देते हुए कहा कि टेस्ट डेब्यू में शतक लगाने के बावजूद उनका करियर उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वैभव सूर्यवंशी का मामला अलग है। उनकी तुलना केवल सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी से की जा सकती है, जिन्होंने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। लेकिन आज के सोशल मीडिया युग में सूर्यवंशी के सामने चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन हैं।
कलिनन ने लिखा, "सूर्यवंशी के लिए एक रास्ता बहुत जल्दी बंद हो गया है। उनकी पहचान उनके टैलेंट से तय हो चुकी है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे कठिन स्थितियों में से एक हो सकती है, क्योंकि उसे खुद को अलग-अलग रूप में जानने का अवसर नहीं मिल पाता।" उन्होंने कहा कि 15 साल की उम्र में मिली पहचान एक ऐसा फ्रेम तैयार कर देती है, जिसके भीतर बाद की हर सफलता, हर गलती, हर संघर्ष और खुद को समझने की पूरी प्रक्रिया सीमित हो जाती है। उनके मुताबिक, कई बार खिलाड़ी को पहले लेजेंड बना दिया जाता है और बाद में उसे एक सामान्य इंसान बनने का मौका भी नहीं मिलता।
डेरिल कलिनन ने वैभव सूर्यवंशी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सूर्यवंशी 40 साल की उम्र तक क्रिकेट खेलें और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद लंबा हो। उन्होंने लिखा, "हम चाहते हैं कि वह 25 साल की उम्र में नहीं, बल्कि 40 साल की उम्र में रिटायर हों। उनके पास कम से कम अगले 25 साल का क्रिकेट होना चाहिए।" सूर्यवंशी को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वह बिना कैमरों और लगातार निगरानी के सामान्य जिंदगी भी जी सकें। उन्हें परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने, पढ़ाई पूरी करने, खुलकर हंसने, गलतियों से सीखने और बिना किसी दबाव के खुद को समझने का मौका मिलना चाहिए।
कलिनन का मानना है कि अगले तीन साल वैभव सूर्यवंशी के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण साल होंगे। ये साल केवल क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत विकास के लिए भी जरूरी हैं। उन्होंने अंत में सलाह दी कि सूर्यवंशी को सचिन तेंदुलकर से जरूर बात करनी चाहिए। उनके अनुसार, इससे बेहतर मेंटर शायद ही कोई हो सकता है, क्योंकि सचिन खुद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए, लंबे समय तक दबाव झेला और सफल करियर बनाया। ऐसे में उनका अनुभव वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।