
India vs Zimbabwe T20 Series 2026: भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज शुरू होने जा रही है। एक तरफ सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है, वहीं भारतीय स्क्वॉड में सबसे ज्यादा चर्चा जिस खिलाड़ी की हो रही है, वह हैं तेज गेंदबाज मयंक यादव। वजह साफ है, आईपीएल 2026 में उनके खाते में एक भी विकेट नहीं आया, इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा कायम रखा।
मयंक यादव भारतीय क्रिकेट के उन युवा तेज गेंदबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी रफ्तार से बहुत कम समय में पहचान बनाई। दिल्ली से आने वाले मयंक ने घरेलू क्रिकेट में लगातार 145 से 150 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गेंदबाजी कर सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपनी गति और आक्रामक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया।
मयंक का करियर जितनी तेजी से आगे बढ़ा, चोटों ने उतनी ही जल्दी उनकी राह मुश्किल भी बनाई। फिटनेस समस्याओं की वजह से उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। इसी कारण वह टीम इंडिया से भी बाहर हो गए। अब लगभग दो साल बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है, जो इस बात का संकेत है कि टीम मैनेजमेंट अब भी उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा करता है।
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आईपीएल 2026 में मयंक ने चार मुकाबले खेले, लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। हालांकि सिर्फ आंकड़ों से उनकी गेंदबाजी का आकलन करना सही नहीं होगा। इससे पहले 2024 के सीजन में उन्होंने चार मैचों में सात विकेट लेकर अपनी अलग पहचान बनाई थी, जबकि 2025 में दो मैचों में दो विकेट अपने नाम किए थे। यही प्रदर्शन आज भी उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे रोमांचक तेज गेंदबाजों में शामिल करता है।
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मयंक यादव ने अक्टूबर 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने शुरुआती तीन मुकाबलों में उन्होंने कुल चार विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। उनकी तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और क्रिकेट विशेषज्ञों ने उन्हें भारत के भविष्य के तेज गेंदबाजों में गिना।
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भारत की युवा टीम जिम्बाब्वे में नई शुरुआत करने उतरेगी, लेकिन सबसे बड़ी निगाहें मयंक यादव पर रहेंगी। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो यह उनके लिए सिर्फ वापसी का नहीं, बल्कि खुद को दोबारा साबित करने का भी सुनहरा अवसर होगा। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी के दम पर मयंक एक बार फिर वही असर छोड़ें, जिसने उन्हें पहली बार सुर्खियों में पहुंचाया था।