फाइनल में शर्मिंदगी की 'हैट्रिक', 60 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में अर्जेंटीना ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड

Published : Jul 20, 2026, 12:45 PM IST
फाइनल में शर्मिंदगी की 'हैट्रिक', 60 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में अर्जेंटीना ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड

सार

फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से हारकर अर्जेंटीना ने शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया। टीम एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सकी। 1990 और 2014 के बाद यह तीसरी बार है जब अर्जेंटीना फाइनल में ऐसा करने में नाकाम रही।

न्यूयॉर्क: फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से हार के साथ ही अर्जेंटीना के सिर पर एक शर्मनाक रिकॉर्ड सज गया है। पिछले 60 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में अर्जेंटीना अकेली ऐसी टीम बन गई है, जो फाइनल मुकाबले में विरोधी टीम के गोलपोस्ट पर एक भी शॉट टारगेट पर नहीं रख सकी। यह तीसरी बार है जब अर्जेंटीना ने वर्ल्ड कप फाइनल में यह शर्मनाक रिकॉर्ड दोहराया है।

2026 के फाइनल में स्पेन के खिलाफ 120 मिनट खेलने के बावजूद, अर्जेंटीना की फॉरवर्ड लाइन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को टेस्ट करने वाला एक भी शॉट नहीं लगा सकी। मेसी और उनकी टीम स्पेनिश डिफेंस के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। जब से फीफा ने 1966 में आधिकारिक तौर पर आंकड़े दर्ज करना शुरू किया है, तब से यह तीसरा मौका है जब अर्जेंटीना फाइनल में एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा पाई। इससे पहले 1990 के वर्ल्ड कप में पश्चिम जर्मनी के खिलाफ अर्जेंटीना 1-0 से हारी थी और उस मैच में भी टीम का एक भी शॉट ऑन-टारगेट नहीं था।

इसके बाद 2014 वर्ल्ड कप फाइनल में जर्मनी के खिलाफ भी मेसी की अर्जेंटीना एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हार गई थी, और तब भी टीम टारगेट पर एक भी शॉट नहीं मार सकी थी। इस बार स्पेन के खिलाफ भी कहानी नहीं बदली। अर्जेंटीना की टीम पूरे मैच में फाउल करके स्पेन के खिलाड़ियों को रोकने की कोशिश करती रही, लेकिन अटैक में पूरी तरह नाकाम रही। वर्ल्ड कप फाइनल में कोई और बड़ी टीम इस तरह अपने विरोधी के सामने बेबस नहीं हुई है।

फाइनल में गोलकीपर एमी मार्टिनेज के 11 शानदार बचावों ने ही अर्जेंटीना को एक बड़ी हार से बचाया। फॉरवर्ड लाइन में लियोनेल मेसी और जूलियन अल्वारेज जैसे बड़े नाम होने के बावजूद टीम स्पेनिश बॉक्स में कोई हलचल नहीं मचा सकी, जिससे फैंस भी काफी निराश हुए। स्पेन ने जहां टारगेट पर 11 शॉट लगाए, वहीं अर्जेंटीना का खाता भी नहीं खुला। स्पेन ने मैच में कुल 20 शॉट मारे, जबकि अर्जेंटीना के नाम सिर्फ 3 शॉट रहे, जो एक्स्ट्रा टाइम में लिए गए थे।

स्पेन ने मैच में 803 सफल पास पूरे किए, जबकि अर्जेंटीना सिर्फ 445 पास ही कर सकी। स्पेन की पासिंग सटीकता 90% थी, वहीं अर्जेंटीना की सिर्फ 78%। बॉल पजेशन में भी स्पेन ने अर्जेंटीना को मीलों पीछे छोड़ दिया। मैच में 68% समय गेंद स्पेन के पास रही, जबकि अर्जेंटीना के पास सिर्फ 32%। आखिरकार, 106वें मिनट में फेरान टोरेस के गोल ने स्पेन को वो खिताब दिलाया, जिसकी वो हकदार थी।

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