
Aichi Nagoya Asian Games: एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल स्वदेश लौट आए हैं। इन तीनों चैंपियंस ने अपनी शानदार जीत और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की।
भारत ने इस बार एशियन गेम्स में बॉक्सिंग के अंदर अपना अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। देश ने कुल छह मेडल (तीन गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज) जीते हैं। इससे पहले भारत का बेस्ट परफॉर्मेंस 2010 के ग्वांगझू एशियन गेम्स में था, जहां दो गोल्ड आए थे। इस बार आइची-नागोया में लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने गोल्ड पर पंच जड़ा है।
लवलीना बोरगोहेन ने 2 अक्टूबर को अपने 29वें जन्मदिन पर चीन की बाओ जियी को महिलाओं के 75 किलोग्राम फाइनल में 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। दिल्ली लौटने के बाद एएनआई से बातचीत में लवलीना ने कहा कि जन्मदिन पर गोल्ड जीतना इस कामयाबी को और भी खास बनाता है। उन्होंने 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स के अपने सिल्वर मेडल को भी याद किया। लवलीना ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत ही खास एहसास था। सबसे बड़ी बात यह रही कि मैंने अपने जन्मदिन पर यह गोल्ड जीता। हर एथलीट का सपना होता है कि वह किसी बड़े इवेंट में खेले और वहां गोल्ड जीते। एशियन गेम्स बहुत बड़ा टूर्नामेंट है और जन्मदिन के दिन मेडल आना इसे और भी स्पेशल बनाता है। यह मेरा दूसरा एशियन गेम्स था। पिछली बार मैंने सिल्वर जीता था, इसलिए इस बार मैं मेडल का रंग बदलना चाहती थी।"
बॉक्सिंग में भारत की स्वर्णिम विजय।
एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 80 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में अंकुश पंघाल जी ने दक्षिण कोरियाई को 4-0 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता है।
आपका शानदार प्रदर्शन, सशक्त रणनीति और सधा हुआ खेल युवाओं को हर बाधा पार करने की सीख देता है।
राष्ट्र को गौरवान्वित करने वाली इस विजय के लिए आपको ढेरों बधाई एवं आगामी सभी प्रतियोगिताओं के लिए अनंत शुभकामनाएं।
#AsianGames2026
#Cheer4Bharat
— Raaj Kumar Anand (@RaajKumarAnand) October 3, 2026
लवलीना का पूरा फोकस अब ओलंपिक पर है। वह टोक्यो 2020 के अपने ब्रॉन्ज मेडल के रंग को बदलना चाहती हैं। उन्होंने कहा, "अब मेरी पूरी तैयारी ओलंपिक के लिए है। टोक्यो 2020 में ब्रॉन्ज जीतने के बाद मैं 2024 में चूक गई थी। इसलिए इस बार मैं अपना 100% देने और मेडल का रंग बदलने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद मेरे पास मेडल्स का पूरा सेट हो गया था। यह मेरे लिए एक बहुत बड़ा माइलस्टोन था। इस टूर्नामेंट में मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए मेरा माइंडसेट बस रिंग में जाकर कुछ हासिल करने का था। यही मेरी अप्रोच थी और मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी में भी इसे बनाए रखूंगी। मेरा अंतिम लक्ष्य एलए (LA) ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।"
परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 (स्प्लिट डिसीजन) से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। यह जीत परवीन के लिए एक बड़ी वापसी है। डोपिंग से जुड़े 'व्हेयरअबाउट्स' (whereabouts) नियम में फेल होने के कारण उन्हें अपना 2022 एशियन गेम्स का ब्रॉन्ज मेडल गंवाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि यह गोल्ड उनके लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत का नतीजा है। परवीन ने कहा, "भारत के लिए कुछ हासिल करना बहुत अच्छा लगता है। इसके पीछे एक लंबा संघर्ष और बहुत सारी कड़ी मेहनत शामिल थी, इसलिए आखिरकार गोल्ड जीतना सच में शानदार एहसास है।"
परवीन ने बताया कि वर्ल्ड नंबर 1 चेन निएन-चिन के खिलाफ फाइनल में वह पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरी थीं। उन्हें भरोसा था कि वह जीत सकती हैं। उन्होंने कहा, "मेरा फाइनल मुकाबला वर्ल्ड नंबर वन बॉक्सर से था, जो पेरिस ओलंपिक में मेडल जीत चुकी हैं। वह एक बहुत ही मजबूत बॉक्सर हैं। लेकिन मेरा माइंडसेट साफ था कि हर कोई इंसान है, कोई भी हार सकता है और मैं उसे हरा सकती हूं। मैंने अपना पूरा जोर लगा दिया। पहला राउंड पूरी तरह से मेरे पक्ष में रहा, लेकिन दूसरे राउंड में बाजी उनकी तरफ पलट गई। तीसरे राउंड में मुझे पता था कि मुझे अपना सब कुछ झोंकना होगा। मुझे लगा कि एक चैंपियन को हराना ही खुद के अंदर चैंपियन वाले आत्मविश्वास को जगाने का एकमात्र तरीका है।"
अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम फाइनल में साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को हराकर बॉक्सिंग में भारत का तीसरा गोल्ड पक्का किया। मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं। अंकुश ने पूरे मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहला राउंड 4-1 से जीता और दूसरे में 5-0 से शानदार जीत दर्ज की। फाइनल राउंड में भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और गोल्ड पर कब्जा जमाया।
अपनी जीत पर बात करते हुए अंकुश ने कहा कि अब उनका पूरा फोकस आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर होगा। उन्होंने कहा, "यह बहुत अच्छा लगा। गोल्ड जीतना हमेशा एक शानदार एहसास होता है। अमित भाई ने 2018 में इसे जीता था और इस बार हमने गोल्ड घर लाने के लक्ष्य पर चर्चा भी की थी। वर्ल्ड चैंपियनशिप आने वाली है, जहां से ओलंपिक क्वालिफिकेशन की शुरुआत होगी, इसलिए अभी मुख्य फोकस उसी पर है।"
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने एशियन गेम्स में भारत के प्रदर्शन को अब तक का सबसे बेहतरीन बताया। उन्होंने इसका श्रेय बॉक्सर्स, कोच और सपोर्ट स्टाफ की लगातार मेहनत के साथ-साथ विदेशी स्पारिंग पार्टनर्स (sparring partners) और इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स के अनुभव को दिया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक शानदार प्रदर्शन है। एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सर्स का यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और चीन से आगे निकलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। भारत एशियन गेम्स में नंबर वन रहा और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत ही कंसिस्टेंट रहा है। सभी कोच और सपोर्ट स्टाफ ने बहुत मेहनत की है। जिस तरह से तैयारी की जा रही है, बाहर से स्पारिंग पार्टनर्स आ रहे हैं, वह काबिले तारीफ है। कैंप का माहौल बहुत ही पॉजिटिव है।"
भारतीय महिला नेशनल बॉक्सिंग टीम के हेड कोच सैंटियागो निएवा ने कहा कि भारत की मजबूत तैयारियों ने टीम को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला करने और टॉप बॉक्सिंग नेशन बनने में मदद की। उन्होंने कहा, "हम पहले भी कड़े टूर्नामेंट्स में जा चुके हैं। हमारी तैयारी बहुत अच्छी है। हमें बहुत खुशी है कि इस हाई-लेवल टूर्नामेंट में हम दुनिया के सबसे मजबूत देशों में शामिल हैं। हमने शानदार प्रदर्शन किया और नंबर वन पर रहे।"