जब Nike ने Lionel Messi को हल्के में लिया, Adidas ने बना लिया अपना सबसे बड़ा ब्रांड एम्बेसडर

Published : Jun 24, 2026, 12:43 PM IST
Lionel Messi Adidas deal

सार

Nike vs Adidas Messi: नाइकी की एक छोटी सी चूक के कारण लियोनेल मेसी हमेशा के लिए एडिडास से जुड़ गए। 2006 में एडिडास ने बेहतर डील देकर और कानूनी लड़ाई जीतकर मेसी को साइन किया। यह पार्टनरशिप एडिडास के लिए ऐतिहासिक रूप से सफल साबित हुई है।

Messi Nike controversy: खेल की दुनिया में लियोनेल मेसी और एडिडास की पार्टनरशिप सबसे कामयाब बिजनेस डील्स में से एक गिनी जाती है. लेकिन इसके पीछे एक लंबी कहानी है. कहानी एडिडास के सबसे बड़े कॉम्पिटिटर नाइकी (Nike) की एक छोटी सी चूक की, जिसके बाद एक बड़ी कानूनी लड़ाई हुई और मेसी हमेशा के लिए एडिडास के हो गए.

नाइकी पहनकर रचा इतिहास

इस कहानी की शुरुआत 2001-2005 के बीच हुई. उस वक्त मेसी बार्सेलोना की मशहूर यूथ एकेडमी 'ला मासिया' (La Masia) का हिस्सा थे और नाइकी के प्रोडक्ट इस्तेमाल करते थे. ये स्वाभाविक भी था, क्योंकि बार्सेलोना क्लब का स्पॉन्सर नाइकी ही था. 2004 में जब मेसी ने बार्सेलोना की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया और अपने करियर का पहला ऐतिहासिक गोल दागा, तब भी उन्होंने नाइकी के ही जूते पहने हुए थे.

एक ट्रैकसूट से शुरू हुआ झगड़ा

मामला 2006 में बिगड़ा. मेसी के पिता और एजेंट जॉर्ज मेसी ने नाइकी से संपर्क किया. उन्होंने अपने बेटे के लिए कुछ और स्पोर्ट्स गियर और ट्रैकसूट मांगे. लेकिन नाइकी ने इस पर समय पर कोई जवाब नहीं दिया और न ही सामान पहुंचाया. शायद नाइकी मेसी के भविष्य का सही अंदाजा नहीं लगा पाई, लेकिन इस अनदेखी से मेसी के परिवार में जो नाराजगी पैदा हुई, उसने इतिहास ही बदल दिया.

एडिडास की एंट्री और कानूनी लड़ाई

एडिडास ने इसी मौके का फायदा उठाया. उसने मेसी को एक बड़ी रकम का कॉन्ट्रैक्ट ऑफर कर दिया. ये 5 साल की डील थी, जिसमें मेसी को हर साल करीब 400,000 पाउंड (5,00,000 डॉलर) मिलने थे. यह रकम नाइकी के ऑफर से कहीं ज्यादा थी. इसके बाद, फरवरी 2006 में मेसी ने आधिकारिक तौर पर एडिडास के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया. इस बात से नाइकी भड़क गई और यह दावा करते हुए कोर्ट पहुंच गई कि मेसी का उनके साथ पहले से कॉन्ट्रैक्ट है. लेकिन स्पेन की एक अदालत ने नाइकी के दावे को खारिज कर दिया. कोर्ट ने पाया कि नाइकी के पास सिर्फ एक 'सहमति पत्र' था, जो कानूनी रूप से पक्का कॉन्ट्रैक्ट नहीं माना जा सकता. फैसला मेसी के हक में आया.

ब्रांड का चेहरा बन गए मेसी

जैसे ही मेसी एडिडास के साथ जुड़े, कंपनी ने उन्हें अपने ब्रांड का मुख्य चेहरा बना दिया. 2013 में, एडिडास ने डेविड बेकहम के बाद पहली बार किसी फुटबॉलर को सम्मान देते हुए मेसी के लिए एक खास बूट लाइन और अलग लोगो लॉन्च किया. 2017 में इस रिश्ते को हमेशा के लिए पक्का करने के लिए एडिडास ने मेसी के साथ एक लाइफटाइम कॉन्ट्रैक्ट (Lifetime Contract) साइन किया. कहा जाता है कि इस डील की कीमत 1 अरब डॉलर से भी ज्यादा है.

एडिडास ने काटी चांदी

इस पार्टनरशिप से एडिडास को जो फायदा हुआ, वो बहुत बड़ा है. पिछले दो दशकों में मेसी की वजह से एडिडास की मार्केट वैल्यू लगभग तीन गुना बढ़ गई है. 2022 में कतर वर्ल्ड कप में जब मेसी ने एडिडास के गोल्डन बूट पहनकर ट्रॉफी उठाई, और बाद में जब वो इंटर मियामी क्लब गए तो उनकी पिंक जर्सी के लिए दुनिया भर में जो दीवानगी देखी गई, वो इस पार्टनरशिप की ऐतिहासिक कामयाबी को बयां करती है.

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