Lionel Messi FIFA World Cup Record Controversy: फुटबॉल के 'भगवान' कहे जाने वाले लियोनेल मेसी ने मंगलवार रात डलास (Dallas) के मैदान पर वो कर दिखाया, जिसका सपना हर फुटबॉलर देखता है। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़ (Miroslav Klose) का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़कर फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का सर्वकालिक रिकॉर्ड (Most World Cup Goals) अपने नाम कर लिया। लेकिन, अर्जेंटीना की इस ऐतिहासिक 2-0 की जीत और मेसी के इस महा-रिकॉर्ड का जश्न 10 मिनट भी नहीं टिक सका। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया, जिसने इस पूरे रिकॉर्ड को ही विवादों में ला दिया। फैंस और फुटबॉल लवर्स का दावा है कि 'इस गोल को अमान्य (Disallow) कर दिया जाना चाहिए था।' आइए जानते हैं कि आखिर मेसी के ऐतिहासिक 17वें गोल से ठीक 5 सेकंड पहले मैदान पर ऐसा क्या हुआ, जिसने पूरी फुटबॉल दुनिया को दो ग्रुप में बांट दिया है और बवाल मच गया।
मामला अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया के बीच खेले गए ग्रुप-जे (Group J) के हाई-वोल्टेज मुकाबले के फर्स्ट हाफ का है। मेसी मैच के शुरुआत में ही एक पेनल्टी मिस कर चुके थे, जिससे ऑस्ट्रियाई टीम के हौसले बुलंद थे। तभी अर्जेंटीना ने एक आक्रामक काउंटर-अटैक बुना। लेकिन मेसी तक गेंद पहुंचने से ठीक पहले, मिडफील्ड में अर्जेंटीना के एलेक्सिस मैक एलिस्टर (Alexis Mac Allister) ने गेंद छीनने के चक्कर में ऑस्ट्रिया के मिडफील्डर क्सावर श्लागर (Xaver Schlager) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। रिप्ले में साफ दिखा कि मैक एलिस्टर का पैर गेंद पर नहीं, बल्कि सीधे खिलाड़ी पर लगा था। श्लागर दर्द से मैदान पर गिर पड़े। ऑस्ट्रिया के खिलाड़ी फाउल की अपील करते रह गए, लेकिन रेफरी ने खेल जारी रखने का इशारा किया। इसी का फायदा उठाकर अर्जेंटीना गेंद को आगे ले गई और लियोनेल मेसी ने बिना कोई गलती किए शानदार फिनिशिंग के साथ अपना 17वां वर्ल्ड कप गोल दाग दिया।
जैसे ही घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, फुटबॉल फैंस ने VAR की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स का कहना था कि मेसी के गोल से पहले फाउल हुआ था और रेफरी को खेल रोक देना चाहिए था। वहीं दूसरी तरफ कुछ फैंस ने अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि यह VAR इंटरवेंशन के स्तर का मामला नहीं था। यही वजह है कि यह फैसला इंटरनेट पर सबसे बड़ी बहसों में से एक बन गया।
As a Messi fan I must confess he's really been favoured by referee. That's a red card offence! Period! pic.twitter.com/y1CnqFIVfG
— RAZOR BLADE (@razorblade300) June 17, 2026
इस फैसले के बाद VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) के शांत रहने पर सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा। मैनचेस्टर यूनाइटेड और डेनमार्क के दिग्गज पूर्व गोलकीपर पीटर श्माइकल (Peter Schmeichel) ने लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान रेफरी की क्लास लगा दी। श्माइकल ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि VAR ने इस फाउल को कैसे नजरअंदाज कर दिया? मेसी तक गेंद पहुंचने से बहुत पहले ही खेल को रोक दिया जाना चाहिए था। ऑस्ट्रिया के साथ नाइंसाफी हुई है।' वहीं दूसरी तरफ, कुछ विश्लेषकों का मानना था कि यह टक्कर इतनी गंभीर नहीं थी कि VAR रेफरी को अपना फैसला बदलने के लिए हस्तक्षेप (Intervene) करना पड़े।
यह विवाद इसलिए भी बड़ा हो गया है, क्योंकि यह लगातार दूसरा मैच है जब अर्जेंटीना के पक्ष में कोई विवादास्पद फैसला गया है। इससे ठीक पहले अल्जीरिया के खिलाफ (जहां अर्जेंटीना 3-0 से जीती थी), मेसी ने अल्जीरियाई कप्तान आसा मांडी के पैर पर खतरनाक टैकल किया था। तब भी मेसी को कोई कार्ड नहीं दिखाया गया था, जिसके बाद अल्जीरियाई फुटबॉल महासंघ ने FIFA से आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रिया के खिलाफ इसी मैच में लौतारो मार्टिनेज (Lautaro Martinez) का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो कोनराड लाइमर को हिट करते दिख रहे हैं, लेकिन रेफरी ने वहां भी रेड कार्ड की मांग को खारिज कर दिया। आलोचकों का सीधा आरोप है कि फीफा और ऑफिशियल्स मेसी और अर्जेंटीना को 'फेवर' कर रहे हैं।
भले ही इस गोल पर जंग छिड़ी हो, लेकिन किंग मेसी ने रुकना नहीं सीखा। मैच के आखिरी पलों (Stoppage Time) में मेसी ने अपना दूसरा और वर्ल्ड कप का 18वां गोल दागकर अर्जेंटीना की 2-0 से जीत पक्की कर दी। इसी के साथ अर्जेंटीना नॉकआउट राउंड में पहुंच गई है। इसके साथ ही 18 गोल के साथ अब मेसी वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बन गए हैं। जस्ट फोंटेन और जाइरजिन्हो के बाद मेसी वर्ल्ड कप इतिहास के महज तीसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने लगातार 6 मैचों में गोल दागे हैं।