
Indian Women Cricket Team: भारतीय महिला क्रिकेट टीम के टी20 सेटअप में बड़ा बदलाव हुआ है। स्मृति मंधाना को टी20 फॉर्मेट की कप्तानी सौंपी गई है। करीब एक दशक तक टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत कौर अब कप्तानी के दबाव से मुक्त होकर बतौर बल्लेबाज अपनी भूमिका निभाएंगी। इस बदलाव का बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक को ध्यान में रखकर मजबूत टीम तैयार करना है।
स्मृति मंधाना पिछले करीब 8 साल से टीम की उपकप्तान रही हैं। ड्रेसिंग रूम में उनका सम्मान है और वह अपनी बल्लेबाजी के साथ नेतृत्व क्षमता भी साबित कर चुकी हैं। महिला प्रीमियर लीग में उनकी कप्तानी ने भी उनकी नेतृत्व क्षमता को सामने रखा है।
वहीं, हरमनप्रीत कौर अब मध्यक्रम में बल्लेबाज की भूमिका पर ज्यादा ध्यान देंगी। उनके अनुभव की टीम को जरूरत है, खासकर बड़े टूर्नामेंट में। कप्तानी का अतिरिक्त दबाव हटने से उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
टी20 क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन पिछले दो विश्व कप में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सकी। यही वजह है कि अब टीम मैनेजमेंट भविष्य की तैयारियों में बदलाव करना चाहता है।
स्मृति ने भी टीम की कमियों को स्वीकार किया है। एशिया कप और एशियन गेम्स में सफलता के बावजूद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन की जरूरत पर जोर दिया।
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में महिला क्रिकेट को लेकर भारत की तैयारियों को अभी से गति देने की जरूरत है। इसी दिशा में शैफाली वर्मा को उपकप्तान की जिम्मेदारी देना भी नई सोच का संकेत माना जा रहा है।
टीम के पास प्रयोग करने का समय अभी है। लक्ष्य यह है कि 2027 के मध्य तक खिलाड़ियों की भूमिकाएं और टीम का स्पष्ट संयोजन तैयार हो जाए, ताकि ओलंपिक से पहले टीम में ज्यादा बदलाव की जरूरत न पड़े।
स्मृति मंधाना अब मुख्य कोच अमोल मजूमदार के साथ मिलकर टीम का सही संयोजन तैयार करने की कोशिश करेंगी। इसके लिए युवा खिलाड़ियों को मौके देना, कमजोरियों पर काम करना और मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतर रणनीति बनाना अहम होगा।
स्मृति के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को टी20 में लगातार बेहतर बनाना है। कप्तानी में उनकी सोच, प्रयोग करने का साहस और खिलाड़ियों का भरोसा जीतने की क्षमता आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट की दिशा तय कर सकती है।