नहीं चलेगा बृजभूषण का दबदबा, खेल मंत्रालय ने रद्द किया कुश्ती संघ, अध्यक्ष संजय सिंह के फैसलों पर रोक

Published : Dec 24, 2023, 11:22 AM ISTUpdated : Dec 24, 2023, 11:55 AM IST
Sanjay Singh

सार

खेल मंत्रालय ने कुश्ती संघ को रद्द कर दिया है। नए अध्यक्ष की मान्यता रद्द कर दी गई है। नए अध्यक्ष संजय सिंह द्वारा लिए गए सभी फैसलों पर रोक लगा दी गई है।

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation of India) के नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद शुरू हुए विवाद में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खेल मंत्रालय ने WFI को रद्द कर दिया है। नए अध्यक्ष की मान्यता रद्द कर दी गई है। नए अध्यक्ष संजय सिंह द्वारा लिए गए सभी फैसलों पर रोक लगा दी गई है।

WFI के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सिंह ने 2023 के अंत से पहले उत्तर प्रदेश के गोंडा के नंदिनी नगर में अंडर-15 और अंडर-20 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की घोषणा की थी। इस आयोजन पर भी रोक लग गई है। खेल मंत्रालय द्वारा चलाए गए चाबुक से साफ हो गया है अब कुश्ती संघ में बृजभूषण का दबदबा नहीं चलेगा।

बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं संजय सिंह

संजय सिंह WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह की जीत के बाद बृजभूषण ने कहा था कि उनका दबदबा कायम है। बृजभूषण के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने संजय सिंह की जीत पर दुख जताया था। बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं। मामला कोर्ट में है। खेल मंत्रालय के फैसले का बृजभूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने स्वागत किया है।

WFI ने नहीं किया नियमों का पालन

खेल मंत्रालय ने रविवार को भारतीय कुश्ती महासंघ की नई संस्था को निलंबित करने के फैसले की घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि WFI संस्था ने नियमों का पालन नहीं किया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की घोषणा जल्दबाजी में की गई। इसके लिए उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मंत्रालय ने बताया कि WFI के नए अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने 21 दिसंबर को घोषणा की कि जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं इस साल के अंत से पहले शुरू होंगी। यह नियमों के खिलाफ है। कम से कम 15 दिन के नोटिस की जरूरत है ताकि पहलवान तैयारी कर सकें।

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खेल मंत्रालय ने आरोप लगाया कि नया निकाय पिछले पदाधिकारियों के पूर्ण नियंत्रण में प्रतीत होता है, जिनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। फेडरेशन पूर्व पदाधिकारियों द्वारा कंट्रोल किए जाने वाले परिसर से चलाया जा रहा है। यह वही परिसर है जिसमें खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। वर्तमान में अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है।

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