5 साल की उम्र में पोलियो, गरीबी में बीता बचपन... जानिए कौन हैं भारत के हीरो झंडू कुमार

Published : Jul 25, 2026, 07:34 AM IST

Para powerlifter Jhandu Kumar: 5 साल की उम्र में पोलियो, आर्थिक तंगी और संघर्षों के बावजूद झंडू कुमार ने हार नहीं मानी। जानिए बिहार के इस पैरा पावरलिफ्टर ने कैसे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पहला ब्रॉन्ज मेडल दिलाया।

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता ब्रॉन्ज मेडल

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेंस हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में 130.9 प्वाइंट्स हासिल कर तीसरा स्थान हासिल किया। उनके इस पदक के साथ ही भारत का मेडल खाता भी खुल गया। आइए जानते हैं संघर्ष से सफलता तक का उनका प्रेरणादायक सफर।

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कौन हैं झंडू कुमार?

झंडू कुमार भारत के उभरते हुए 28 वर्षीय पैरा पावरलिफ्टर हैं। वह बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक किसान और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में हुआ। बचपन से ही आर्थिक तंगी और शारीरिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ा।

और पढे़ं- CWG 2026: पैरा पावरलिफ्टिंग में झांडू कुमार ने जीता कांस्य पदक

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5 साल की उम्र में पोलियो ने बदली जिंदगी

महज 5 साल की उम्र में झंडू कुमार पोलियो से प्रभावित हो गए, जिससे उनके पैरों पर असर पड़ा। इसके बाद उन्हें दिव्यांगता के साथ जीवन जीना पड़ा। हालांकि, उन्होंने अपनी कमजोरी को कभी अपनी पहचान नहीं बनने दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना जुनून बनाए रखा। शुरुआत में पैरों की पावर बढ़ाने के लिए उन्होंने जिम जाना शुरू किया।

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कभी सब्जियां बेचीं, तो कभी चलाया ई-रिक्शा

झंडू कुमार का सफर बेहद संघर्षों से भरा रहा। आर्थिक तंगी के कारण खेल का खर्च उठाना उनके परिवार के लिए आसान नहीं था। कई बार ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा। घर की जिम्मेदारियां निभाने के लिए उन्होंने सब्जियां बेचीं और ई-रिक्शा भी चलाया। सीमित संसाधनों और मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है।

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झंडू कुमार की प्रमुख उपलब्धियां
  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल
  • खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025: 72 किलोग्राम वर्ग में 206 किलोग्राम वजन उठाकर नेशनल रिकॉर्ड बनाया
  • वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ल्ड कप 2025: ब्रॉन्ज मेडल
  • एशिया-ओशिनिया ओपन चैंपियनशिप: - ब्रॉन्ज मेडल

वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025: छठा स्थान

झंडू कुमार की कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी, शारीरिक चुनौतियां और कठिन परिस्थितियां भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं।

झंडू कुमार को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले सवाल

1. झंडू कुमार कौन हैं?

झंडू कुमार बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले भारतीय पैरा पावरलिफ्टर हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

2. झंडू कुमार को पोलियो कब हुआ था?

उन्हें 5 साल की उम्र में पोलियो हुआ था, जिससे उनके पैरों पर असर पड़ा।

3. झंडू कुमार ने संघर्ष के दौरान क्या-क्या काम किए?

आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने सब्जियां बेचीं और ई-रिक्शा चलाकर अपने खेल का खर्च उठाया।

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