‘AI Kid of India’ राउल की कहानी: 16 साल की उम्र में बनाई कंपनी, पापा को दी 2 लाख सैलरी वाली जॉब

Published : Aug 27, 2026, 03:19 PM IST
raul john aju ai kid

सार

16 वर्षीय राउल जॉन अजू, "इंडिया के AI किड", एक सफल AI स्टार्टअप चला रहे हैं। उनकी कंपनी ने 15+ AI टूल्स बनाए हैं और 5 लाख छात्रों को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने अपने पिता को भी 2 लाख की मासिक सैलरी पर नौकरी दी है।

र्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कोच्चि के रहने वाले 16 साल के राउल जॉन अजू एक नया कमाल कर रहे हैं। राउल कोच्चि के कुन्नुमपुरम, नॉर्थ इडप्पल्ली के GHS स्कूल में 12वीं क्लास के कॉमर्स स्टूडेंट हैं। लेकिन पढ़ाई के साथ-साथ वह एक सफल AI स्टार्टअप भी चला रहे हैं। "इंडिया के AI किड" (AI Kid of India) के नाम से मशहूर हो चुके राउल नए AI टूल्स बनाने और लाखों लोगों को ट्रेनिंग देने की वजह से टेक्नोलॉजी की दुनिया में छाए हुए हैं।

वीडियो एडिटिंग से AI की दुनिया में एंट्री

राउल बताते हैं कि टेक्नोलॉजी में उनकी दिलचस्पी वीडियो एडिटिंग से शुरू हुई। उन्होंने यूएन न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में बताया, "जब पापा को एडोबी (Adobe) में नौकरी मिली, तो मुझे उनके प्रीमियम टूल्स मुफ्त में इस्तेमाल करने का मौका मिला। यहीं से AI के बारे में और ज्यादा जानने का रास्ता खुला। इसके बाद मैंने स्कूल साइंस फेयर के लिए 'मीबॉट' (MeBot) नाम का एक रोबोट भी बनाया।"

पिता को बनाया कर्मचारी, सैलरी 2 लाख!

जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे पॉकेट मनी के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर रहते हैं, उस उम्र में राउल ने अपने पिता को ही अपनी कंपनी में कर्मचारी बना लिया है और उन्हें हर महीने 2 लाख रुपये की सैलरी देते हैं। राउल ने 9 साल की उम्र में खुद से AI सीखना शुरू किया था। आज उनकी कंपनी में 15 कर्मचारी हैं और यह दुनिया भर में लगभग पांच लाख स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग दे चुकी है। राउल ने बताया कि उनके पिता को अमेज़ॅन, एडोबी, विप्रो और आईबीएम जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने का अनुभव है। उनका यह अनुभव कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद होगा, इसीलिए उन्हें नौकरी पर रखा गया। इसके अलावा, इससे कंपनी की ब्रांडिंग में भी काफी मदद मिली।

थिंकक्राफ्ट एकेडमी

राउल के स्टार्टअप 'AI टेक्नोलॉजीज' के तहत चलने वाली 'थिंकक्राफ्ट एकेडमी' (ThinkCraft Academy) में IIT, IIM और कई बड़ी विदेशी यूनिवर्सिटी के छात्र AI स्किल्स सीख रहे हैं। कॉर्पोरेट कर्मचारी भी यहां ट्रेनिंग लेते हैं। राउल अब तक 15 से ज्यादा AI टूल्स बना चुके हैं, जो असल जिंदगी की समस्याओं को हल करते हैं, जैसे - RESQ AI, MeBot, ZapGap, Investo AI और FeedFye। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से एक्सपर्ट्स इस कंपनी के लिए रिमोटली काम करते हैं और इस girişim को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी पहचान मिल रही है।

PREV

नई तकनीक, AI अपडेट्स, साइबर सुरक्षा, स्मार्टफोन लॉन्च और डिजिटल नवाचारों की आसान और स्पष्ट रिपोर्टिंग पाएं। ट्रेंडिंग इंटरनेट टूल्स, ऐप फीचर्स और गैजेट रिव्यू समझने के लिए Technology News in Hindi सेक्शन पढ़ें। टेक दुनिया की हर बड़ी खबर तेज़ और सही — केवल Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Lava Phone: 8 हजार से भी कम में नया फोन, खराब हुआ तो कंपनी घर आकर करेगी रिपेयर!
Philips ला रहा नया 5G फोन, 64MP कैमरा और 5700mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये दमदार फीचर्स