
नई दिल्ली: वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल समेत प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने समायोजित सकल आय (एजीआर) मामले में शीर्ष अदालत के फैसले में कुछ निर्देशों की समीक्षा के लिए दायर अपनी याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की बुधवार को मांग की।
भारती एयरटेल , वोडाफोन आइडिया और अन्य दूरसंचार कंपनियों पर पुरानी वैधानिक देनदारियों के रूप में सरकार का 1.47 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष खुली अदालत में सुनवाई की मांग वाली याचिका पेश की गई। उन्होंने कहा कि वह इस पर मुख्य न्यायाधीश एस . ए . बोबडे से बात करेंगे और उसकी के अनुरूप फैसले लेंगे।
शीर्ष न्यायालय ने 24 अक्टूबर को दूरसंचार विभाग द्वारा तैयार की गई एजीआर की परिभाषा को बरकरार रखा था जबकि दूरसंचार कंपनियों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया। मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा था कि भारती एयरटेल ने अपनी याचिका में समायोजित सकल आय से जुड़े ब्याज , जुर्माने और जुर्माने पर ब्याज लगाने के निर्देश की समीक्षा की मांग की है।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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