
टेक डेस्क। फेसबुक (Facebook) ने ऑस्ट्रेलिया के यूजर्स के लिए अपना प्लेटफॉर्म बंद कर दिया है। ऐसा इसने देश में न्यूज कंटेट शेयर करने पर पेमेंट करने का कानून बनाए जाने का प्रस्ताव लाने पर किया है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने मीडिया और पब्लिशर्स के कंटेंट को फेसबुक पर पोस्ट करने के लिए पेमेंट करने का कानून प्रस्तावित किया है। ऑस्ट्रेलिया के पब्लिशर्स अभी भी पेसबुक पर न्यूज कंटेंट पोस्ट कर सकते हैं, लेकिन लिंक और पोस्ट को ऑस्ट्रेलियाई यूजर्स देख और शेयर नहीं कर सकते हैं। गुरुवार से फेसबुक ने इस नीति को लागू कर दिया है।
फेसबुक मानता है कानून को गलत
बता दें कि फेसबुक इस कानून को गलत मानता है। फेसबुक के रीजनल मैनेजिंग डायरेक्टर विलियम ईस्टन (William Easton) ने कहा है कि न्यूज कंटेंट शेयरिंग के लिए पेमेंट का कानून प्रस्तावित किए जाने से कंपनी के पास यूजर्स को इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से रोकने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं रह गया है। विलियम ईस्टन ने कहा कि कंपनी को मजबूर होकर यह निर्णय लेना पड़ा है। अब फेसबुक ऑस्ट्रेलिया में न्यूज कंटेंट को पब्लिश नहीं करेगा और देश में अपनी सर्विसेस बंद कर देगा।
सरकार से बातचीत के बाद लिया फैसला
बता दें कि यह घोषणा तब की गई जब जौश फ्राइडेनबर्ग (Josh Frydenberg) ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनियों के साथ फेसबुक और गूगल की वार्ता को बेहतर और आशाजनक बताया था। फ्राइडेनबर्ग ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और अल्फाबेट इंक के सीईओ सुंदर पिचाई के साथ बातचीत के बाद कहा था कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि प्लेटफॉर्म इन व्यवसायिक मुद्दों का हल निकाल लेगा। फ्राइडेनबर्ग ने कहा कि फेसबुक द्वारा ऑस्ट्रेलियाई न्यूज कंटेंट को ब्लॉक करने के बाद उनकी जकरबर्ग के साथ एक अच्छी चर्चा हुई। फ्राइडेनबर्ग ने ट्वीट किया, "उन्होंने सरकार के समाचार मीडिया सौदेबाजी कोड के साथ कुछ और मुद्दों को उठाया और हम अपनी बातचीत को जारी रखने के लिए सहमत हुए।" वहीं, ऑस्ट्रेलिया के कम्युनिकेशन्स मिनिस्टर पॉल फ्लेचर (Paul Fletcher) ने कहा कि सरकार अपने कानून को लागू करेगी।
ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प को क्या कहा
ऑस्ट्रेलिया के कम्युनिकेशन्स मिनिस्टर पॉल फ्लेचरर ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प को कहा कि फेसबुक की इस घोषणा से न्यूज कंटेंट को लेकर उसके प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि फेसबुक ऑस्ट्रेलियाई लोगों से कह रहा है कि हमारे प्लेटफॉर्म पर कोई भी जानकारी उन मीडियसंगठनों से नहीं आती है, जिनकी अपनी संपादकीय नीतियां या तथ्यों की जांच की प्रक्रिया हैं। फेसबुक पर उन पत्रकारों से भी न्यूज कंटेंट नहीं लिया जाता है, जिन्हें उनके काम के लिए पेमेंट मिलता है।
ऑस्ट्रेलियाई संसद में चल रही है बहस
बता दें कि अभी ऑस्ट्रेलियाई संसद में उन बिलों को लेकर बहस चल रही है, जिनके जरिए फेसबुक और गूगल को न्यूज कंटेंट पब्लिश करने पर भुगतान करना होगा। इस बात की पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि ऑस्ट्रेलिया की संसद में ये बिल पास हो जाएंगे।
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