फोन हैंग होने पर कई लोग उसे फैक्ट्री रीसेट कर देते हैं। इससे फोन का फालतू स्टोरेज तो हट जाता है और फोन स्मूथ चलने लगता है, लेकिन स्मार्टफोन को फैक्ट्री रीसेट करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
चाहे एंड्रॉइड स्मार्टफोन हो या आईफोन, कुछ साल इस्तेमाल करने के बाद उसकी स्पीड कम होने लगती है। फोन में बहुत सारी फाइलें और ऐप्स भरने से प्रोसेसर पर लोड बढ़ जाता है।
26
फोन फैक्ट्री रीसेट की खासियतें
इससे ऐप्स को दोबारा इंस्टॉल करने और फाइलों को ट्रांसफर करने की परेशानी बढ़ जाती है। आपको पता होना चाहिए कि अपना फोन कब फैक्ट्री रीसेट करना है।
36
फैक्ट्री रीसेट करने पर क्या होता है?
फैक्ट्री रीसेट से फोन फ्रीज होना, बार-बार रीस्टार्ट होना, ऐप क्रैश होना और बैटरी जल्दी खत्म होने जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं। रीसेट के बाद, फोन अपनी असली सेटिंग्स पर वापस आ जाता है।
46
अपना फोन कब फैक्ट्री रीसेट करना चाहिए?
अगर आपका फोन बहुत धीमा हो गया है, बार-बार बंद होता है या गर्म होता है, तो फैक्ट्री रीसेट एक अच्छा ऑप्शन है। कई बार सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट या स्टोरेज खाली करने से भी समस्या हल हो जाती है।
56
फैक्ट्री रीसेट से पहले इन बातों का ध्यान रखें
फैक्ट्री रीसेट करने से आपके फोन का सारा डेटा डिलीट हो जाएगा। इसलिए, रीसेट शुरू करने से पहले, अपनी तस्वीरें, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स और दूसरी जरूरी फाइलों का बैकअप जरूर ले लें।
66
फैक्ट्री रीसेट के बाद क्या करें?
अपने फोन को फैक्ट्री रीसेट करने के बाद, सिर्फ वही ऐप्स इंस्टॉल करें जिनकी आपको रोज जरूरत पड़ती है। इससे आपका फोन नया जैसा रहेगा, स्टोरेज बचेगा और फोन धीमा भी नहीं होगा।
नई तकनीक, AI अपडेट्स, साइबर सुरक्षा, स्मार्टफोन लॉन्च और डिजिटल नवाचारों की आसान और स्पष्ट रिपोर्टिंग पाएं। ट्रेंडिंग इंटरनेट टूल्स, ऐप फीचर्स और गैजेट रिव्यू समझने के लिए Technology News in Hindi सेक्शन पढ़ें। टेक दुनिया की हर बड़ी खबर तेज़ और सही — केवल Asianet News Hindi पर।